संलग्नीकरण का खेल खत्म या फिर नई चाल की तैयारी? सरगुजा संभाग में 432 कर्मचारियों की ‘घर वापसी’ का फरमान

संलग्नीकरण का खेल खत्म या फिर नई चाल की तैयारी? सरगुजा संभाग में 432 कर्मचारियों की ‘घर वापसी’ का फरमा

मुकेश अग्रवाल/जशपुर/सरगुजा संभाग

सरगुजा संभाग के स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से चल रहा संलग्नीकरण का खेल आखिरकार शासन की नजर में आ ही गया। विधानसभा में घोषणा होने के बाद अब आदेश भी निकल गया है कि जो जहां के हैं, वहीं जाएं। यानी जिन कर्मचारियों ने वर्षों से “आरामदायक जगहों” पर डेरा डाल रखा था, अब उन्हें अपने मूल पदस्थापना स्थल की याद दिलाई जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री Shyam Bihari Jaiswal की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और सरगुजा संभाग के कुल 432 कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। कागजों में तो सब कुछ साफ दिख रहा है—अब देखना यह है कि जमीन पर भी उतनी ही तेजी दिखती है या फिर फाइलों की धूल बढ़ती रहती है।

जिलेवार ‘वापसी अभियान’

सरगुजा – 69

जशपुर – 63

एमसीबी – 100

बलरामपुर – 60

सूरजपुर – 96

कोरिया – 44

कुल मिलाकर 432 कर्मचारी अब “मूल स्थान” की राह पकड़ने वाले हैं… या कम से कम आदेश यही कहता है।

संलग्नीकरण: सुविधा या व्यवस्था का जुगाड़?

संलग्नीकरण की व्यवस्था मूल रूप से जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह काम करने की अनुमति देने के लिए बनाई गई थी। लेकिन धीरे-धीरे यह व्यवस्था कई जगहों पर “मनचाही पोस्टिंग” का आसान रास्ता बनती चली गई।

परिणाम यह हुआ कि दूरस्थ अस्पतालों में स्टाफ की कमी बनी रही, जबकि कुछ जगहों पर कर्मचारियों की भरमार देखने को मिली।

अब सख्ती की बात, लेकिन सवाल भी कई

शासन ने साफ कहा है कि अब सभी कर्मचारी अपने मूल पदस्थापना स्थल पर ही सेवा देंगे। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. अनिल शुक्ला ने भी निर्देश जारी कर दिए हैं कि संलग्नीकरण समाप्त कर दिया गया है।

लेकिन बड़ा सवाल वही है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है —

क्या सच में सभी कर्मचारी वापस जाएंगे?

या फिर कुछ दिनों बाद किसी नए आदेश या नए जुगाड़ के साथ वही पुराना खेल फिर शुरू हो जाएगा?

जनता की नजर अब अमल पर

कागजों में आदेश जारी होना अलग बात है, और वास्तव में दूरस्थ अस्पतालों में डॉक्टर और स्टाफ की मौजूदगी अलग। अब जनता और स्थानीय लोग यह देखना चाहते हैं कि क्या इस बार सच में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधरेगी या फिर यह आदेश भी सरकारी फाइलों में ही सीमित रह जाएगा।

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