“डिक्की तोड़ गैंग का दिमाग पकड़ा गया!” — रायगढ़ पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, अंतरराज्यीय नट गिरोह का भंडाफोड़ हर बड़े अपराध के अपराधी जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र से पकड़े जा रहे

मुकेश अग्रवाल
रायगढ़ में पुलिस का ऐसा सर्जिकल स्ट्राइक हुआ है कि उठाईगिरी और लूट की दुनिया में हड़कंप मच गया है! एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में लैलूंगा पुलिस ने उस मास्टरमाइंड को दबोच लिया है, जिसने छत्तीसगढ़ से लेकर उड़ीसा तक आतंक मचा रखा था।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार, राज़ खुले एक के बाद एक
गिरफ्तार आरोपी अरविंद नट कोई छोटा-मोटा चोर नहीं, बल्कि पूरा “ऑपरेशन डिक्की ब्रेक” का मास्टरमाइंड निकला। पूछताछ में उसने 15 से ज्यादा चोरी, लूट और उठाईगिरी की वारदातें कबूल कर लीं। उसका नेटवर्क उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश तक फैला हुआ था।
कैसे करते थे वारदात? जानकर रह जाएंगे हैरान
यह गिरोह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था—
पहले बैंक और भीड़भाड़ वाले इलाकों में घंटों रेकी
फिर पैसे निकालने वालों का चुपचाप पीछा
मौका मिलते ही पेचकस या डुप्लीकेट चाबी से डिक्की साफ
और पलक झपकते ही लाखों रुपए गायब!
लैलूंगा में 4 बड़े मामलों का खुलासा
पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी ने लैलूंगा के कई हाई-प्रोफाइल केस खोल दिए—
2.15 लाख की बड़ी उठाईगिरी
40 हजार, 50 हजार और 59 हजार की अलग-अलग वारदातें
कार का शीशा तोड़कर चोरी, बाइक डिक्की से रकम पार
जब्त हुआ अपराध का सामान
पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद किया—
बिना नंबर की होंडा शाइन बाइक
पेचकस और डुप्लीकेट चाबी
यही थे उसके “हथियार”, जिनसे वह लोगों की मेहनत की कमाई उड़ाता था।
रेकी करते ही दबोचा गया शातिर
सीसीटीवी एनालिसिस और पुख्ता इनपुट के बाद पुलिस ने अरविंद को उस वक्त पकड़ा जब वह फिर से नई वारदात की तैयारी में लैलूंगा में घूम रहा था।
️ एक और आरोपी फरार, तलाश जारी
इस गैंग का दूसरा सदस्य ओमप्रकाश उर्फ बच्चा सिसोदिया अभी फरार है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।
*गिरफ्तार आरोपी* –
अरविन्द कुमार उर्फ अरविंद नट पिता प्रताप सिंह उम्र 40 वर्ष साकिन शिवपुर थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
*फरार आरोपी* –
ओंमप्रकाश उर्फ बच्चा सिसोदिया, ओममप्रकाश नट पिता सीताराम उम्र 45 वर्ष ग्राम भलगढ़ थाना अनुपपुर जिला अनुपपुर मध्यप्रदेश
एसएसपी का सख्त संदेश और शानदार नेतृत्व
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ कहा—“ऐसे संगठित अपराधियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। जनता सतर्क रहे और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दे।”
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि अपराध चाहे जितना शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ उसे पकड़ ही लेते हैं।।




