“नो हेलमेट, नो एंट्री! जशपुर कलेक्ट्रेट में सरकारी बाबुओं पर चला पुलिस कप्तान लाल उम्मेद सिंह के कानून का चाबुक – 28 पर ठोका 14 हजार का चालान” जशपुर से बड़ी खबर – नियम तोड़ने वालों पर अब कोई रहम नहीं!

मुकेश अग्रवाल
जशपुर जिले में यातायात नियमों को लेकर प्रशासन ने अब सख्त तेवर अपना लिए हैं। कलेक्टर परिसर में चलाए गए एक विशेष अभियान में बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने वाले 28 शासकीय कर्मचारियों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 14,000 रुपये का चालान काटा गया।
कलेक्ट्रेट बना ‘एक्शन जोन’
कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक शुरू हुई इस चेकिंग से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान जो भी बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के मिला, उस पर तुरंत कार्रवाई की गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
पहले समझाइश, अब सख्ती
इस कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन और पुलिस ने जागरूकता का भी पूरा प्रयास किया था। दो दिन पहले कलेक्टर रोहित व्यास और पुलिस कप्तान डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में शहर में भव्य हेलमेट रैली निकाली गई थी।
लेकिन अब चेतावनी के बाद सीधे एक्शन शुरू हो चुका है।
️ सरकारी कर्मचारियों के लिए खास आदेश
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी शासकीय कर्मचारी, अधिकारी और पुलिस जवानों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
सरकार चाहती है कि पहले सिस्टम खुद नियम माने, ताकि जनता को भी सही संदेश मिले।
अब हर ऑफिस में चलेगा अभियान
यह कार्रवाई सिर्फ कलेक्ट्रेट तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में जिले के अन्य शासकीय कार्यालयों में भी इसी तरह की सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
जनता से अपील
जिला प्रशासन और पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें।
“हेलमेट और सीट बेल्ट आपकी सुरक्षा की ढाल है – इसे नजरअंदाज करना जान जोखिम में डालना है।”
कुल मिलाकर साफ संदेश:
अब जशपुर में नियम तोड़ना महंगा पड़ेगा… चाहे आम आदमी हो या सरकारी कर्मचारी!



