पत्थलगांव में परशुराम जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भव्य शोभायात्रा में दिखी सामाजिक एकता की ताकत

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव में परशुराम जयंती के अवसर पर आज आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम देखने को मिला। सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा निकाली गई विशाल और भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।

शोभायात्रा की खास बात रही महिलाओं की मनमोहक उपस्थिति—एक जैसी साड़ी में सुसज्जित महिलाओं की कतारें मानो आस्था की जीवंत झांकी बन गईं। उनकी आकर्षक वेशभूषा और अनुशासित सहभागिता ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत आरती के साथ हुई, जिसके बाद शोभायात्रा जशपुर रोड से होते हुए अंबिकापुर रोड और रायगढ़ रोड तक निकाली गई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और अंत में यात्रा का समापन सत्यनारायण मंदिर में किया गया।

सर्व ब्राह्मण समाजद्वरा भंडारा का आयोजन सर्व ब्राह्मण समाज ने भंडारा का आयोजन किया जिसमें हजारों लोगों ने प्रसादग्हण किया।

जलपान से  से स्वागत, सेवा भाव की मिसाल

जशपुर रोड स्थित धर्मशाला के सामने हरियाणा राजस्थान सामाजिक संगठन ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जलपान कर भव्य स्वागत किया। संगठन के संरक्षक पवन अग्रवाल, परशुराम अग्रवाल, जग्गी अग्रवाल, हरगोविंद अग्रवाल, अंकित बंसल सहित अन्य सदस्यों ने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रसाद वितरण किया।

संगठन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि एचआर संगठन का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भाव को मजबूत करना भी है।

सैकड़ों लोगों की भागीदारी

इस आयोजन में सुशील अग्रवाल (बालाजी), पप्ल गोयल, मुकेश अग्रवाल (कोषाध्यक्ष), बलराम अग्रवाल, मनोज रोहिल्ला, लक्ष्मण, दामोदर शर्मा, मयंक रोहिल्ला, गीतांश अग्रवाल, पवन मिलन, सुंदर लाल गर्ग, कृष्ण गर्ग, प्रवीण बंसल सहित सैकड़ों सदस्य मौजूद रहे।

जगह-जगह हुआ स्वागत

पूरी शोभायात्रा के दौरान शहर में जगह-जगह स्वागत की झलक देखने को मिली।

जशपुर रोड पर कृष्ण अग्रवाल द्वारा जलपान कर स्वागत किया गया।

अंबिकापुर रोड पर अग्रवाल सभा पत्थलगांव ने श्रद्धालुओं को जलपान कराकर अभिनंदन किया, जिसमें अनिल मित्तल, ब्रह्म प्रकाश अग्रवाल, पवन अग्रवाल सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

—एकता ही सबसे बड़ी ताकत

इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता की भी शानदार मिसाल पेश की। पत्थलगांव में परशुराम जयंती का यह उत्सव लंबे समय तक लोगों के दिलों में यादगार बना रहेगा।

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