ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का भव्य आगाज़: साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता की नई पहल रायगढ़ सिंघम शशि मोहन सिंह द्वारा निर्मित फिल्म का आगाज के साथ ही मिल रही तारीफों की लाइनें

मुकेश अग्रवाल
जशपुर के विशिष्ट कम्युनिटी हॉल सभागार में साइबर फ्रॉड पर आधारित शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन समाज में बढ़ते डिजिटल अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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🌟 गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल्या देवी साय एवं प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ प्रशासनिक व पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहर के गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
🎥 एसएसपी की रचनात्मक पहल को मिली सराहना
फिल्म के लेखक, निर्देशक और अभिनेता शशि मोहन सिंह ने एक पीड़ित शिक्षक की भूमिका निभाकर कहानी को जीवंत बना दिया। उनके पुत्र ऋभु समर्थ सिंह भी फिल्म में प्रमुख भूमिका में नजर आए।
यह फिल्म साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों को प्रभावी ढंग से दर्शाती है, जिससे आम लोगों को सतर्क रहने का संदेश मिलता है।
🎭 स्थानीय कलाकारों का शानदार प्रदर्शन
फिल्म में प्रवीण अग्रवाल, कुंदन सिंह, वंशिका गुप्ता, लायरा जैन, राम प्रकाश पाण्डेय सहित स्थानीय कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। मंच से कलाकारों ने फिल्म निर्माण के अनुभव साझा किए, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
💬 मुख्य अतिथियों के संदेश
मुख्य अतिथि कौशल्या देवी साय ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम हैं और यह फिल्म निश्चित रूप से लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए प्रेरित करेगी।
वहीं, डीजीपी अरुण देव गौतम ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फिल्म के संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल अपराधों के प्रति जागरूक हो सकें।
🎭 “जशरंग महोत्सव” का कारवां जारी
राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के प्रमुख डॉ. आनंद पाण्डेय ने बताया कि इस तरह के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ उन्हें फिल्मों में अभिनय का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। “जशरंग महोत्सव” आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
🛡️ संदेश: जागरूकता ही बचाव है
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अपील की कि फिल्म को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि साइबर फ्रॉड के खिलाफ जागरूकता का संदेश व्यापक स्तर पर फैल सके।
“ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि डिजिटल युग में सतर्क रहने का एक सशक्त संदेश है—जो समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।




