जेल से जमानत पर बाहर आते ही फिर गौ तस्करी के पुराने मामले में फंसे तीन आरोपी! जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’, तीनों को दोबारा दबोचकर भेजा जेल

मुकेश अग्रवाल
जशपुर। गौवंश तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ लगातार तस्करों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। पुलिस की कार्रवाई से बचकर जंगल और रास्तों का फायदा उठाकर फरार हुए तीन कथित गौ तस्करों को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। खास बात यह है कि तीनों आरोपी कुछ दिन पहले ही जशपुर सिटी कोतवाली क्षेत्र के एक अन्य गौ तस्करी मामले में गिरफ्तार होकर जेल गए थे। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद बाहर आए तो मनोरा चौकी क्षेत्र के पुराने गौ तस्करी प्रकरण में उनकी संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
तीन महीने पुराने मामले में खुला राज, जंगल में छोड़कर भागे थे 8 गौवंश
मामला 3 सितंबर 2026 का है। चौकी मनोरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मूटू-जकबा जंगल के रास्ते कुछ लोग गौवंशों को पैदल हांककर तस्करी के लिए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तस्करी के लिए ले जाए जा रहे 8 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया।
पुलिस की भनक लगते ही आरोपी जंगल और रास्तों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
पुलिस की विवेचना में सामने आए नाम, तीनों गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों एवं जानकारियों के आधार पर तीन व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एक मामले में जमानत, दूसरे मामले में फिर गिरफ्तारी!
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम पहलू यह है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी यूसुफ अंसारी, एजाज अंसारी और मो. हलीम कुरैशी को 3 नवंबर 2026 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस ने गौ तस्करी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर आए थे, लेकिन मनोरा चौकी में दर्ज पुराने गौ तस्करी प्रकरण की विवेचना में उनकी संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
यूसुफ अंसारी (43 वर्ष), निवासी ग्राम ड़ड़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर।
एजाज अंसारी (32 वर्ष), निवासी ग्राम ड़ड़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर।
मो. हलीम कुरैशी (32 वर्ष), निवासी ग्राम गोविन्दपुर, थाना जारी, जिला गुमला, झारखंड।
ऑपरेशन शंखनाद के तहत पुलिस का सख्त संदेश
जशपुर पुलिस द्वारा गौवंश तस्करी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। जंगलों और ग्रामीण रास्तों का सहारा लेकर गौवंशों की तस्करी करने वालों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी मनोरा प्रशिक्षु उप निरीक्षक लक्ष्मी मरकाम, सहायक उप निरीक्षक समुदान टोप्पो एवं प्रधान आरक्षक निर्मल बड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि गौवंश तस्करी के मामलों में फरार आरोपियों को पुलिस यूं ही नहीं छोड़ने वाली। ऑपरेशन शंखनाद के तहत पुराने मामलों की विवेचना भी जारी है और साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।