जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में पत्थलगांव के होनहारों का धमाकेदार प्रदर्शन! विज्ञान के मंच पर आत्मानंद स्कूल का जलवा, तीन उपलब्धियों से जिले में बजा सफलता का डंका जूनियर और सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान पर जमाया कब्जा, सीनियर वर्ग में तीसरा स्थान भी विद्यालय के नाम; तीन परियोजनाओं ने बनाई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जगह

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। प्रतिभा जब प्रयोगशाला में आकार लेती है और मेहनत को शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलता है, तो सफलता की चमक दूर तक दिखाई देती है। कुछ ऐसा ही करिश्मा पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पत्थलगांव के होनहार विद्यार्थियों ने कर दिखाया है। जिला स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रतियोगिता 2026 में विद्यालय के बाल वैज्ञानिकों ने ऐसा दमदार प्रदर्शन किया कि जिले के विज्ञान मंच पर पत्थलगांव का नाम छा गया। जूनियर और सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान के साथ सीनियर वर्ग में तृतीय स्थान हासिल कर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
तीन परियोजनाओं ने मचाया धमाल, राज्य स्तर पर ठोकेंगे दस्तक
जशपुर स्थित सेजेस हिंदी माध्यम विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 150 बाल वैज्ञानिकों ने 36 विज्ञान परियोजनाओं के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक सोच, शोध क्षमता और नवाचार का प्रदर्शन किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच पत्थलगांव के आत्मानंद विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी शानदार परियोजनाओं और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से निर्णायक मंडल का ध्यान खींचा। नतीजा यह रहा कि विद्यालय ने तीन महत्वपूर्ण स्थान अपने नाम कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन सुनिश्चित कर लिया।
इन होनहारों ने गाड़े सफलता के झंडे
जूनियर वर्ग में कक्षा आठवीं के प्रियस शर्मा एवं नितेश नाग ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। वहीं सीनियर वर्ग में कक्षा दसवीं की इशिका पाल एवं वैभवी सोनी ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा कक्षा नौवीं की सुखमन कौर एवं दीति यादव ने सीनियर वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय की सफलता में एक और उपलब्धि जोड़ दी।
प्राचार्य के मार्गदर्शन में शिक्षकों की मेहनत लाई रंग
इस शानदार सफलता के पीछे प्राचार्य श्रीमती तनु सिंह ठाकुर का प्रेरणादायी मार्गदर्शन और शिक्षकों की समर्पित मेहनत रही। विद्यालय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उनमें सवाल पूछने, प्रयोग करने, नए विचार विकसित करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की भावना विकसित की जा रही है।
इस उपलब्धि में मार्गदर्शक शिक्षक श्री शैलेश कुमार देवांगन, सुश्री अंजू बारा मरिया, श्रीमती सविता एवं सुश्री हर्षिता पटेल की भूमिका बेहद सराहनीय रही। परियोजनाओं के चयन से लेकर शोध कार्य, वैज्ञानिक तथ्यों की समझ, मॉडल निर्माण और निर्णायक मंडल के सामने प्रभावशाली प्रस्तुति देने तक शिक्षकों ने विद्यार्थियों को लगातार मार्गदर्शन दिया।

प्राचार्य बोलीं—बच्चों की जिज्ञासा और मेहनत ही असली ताकत
इस उपलब्धि पर प्राचार्य श्रीमती तनु सिंह ठाकुर ने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन, मेहनत, वैज्ञानिक जिज्ञासा और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन का परिणाम है। विद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, नवाचार, आत्मविश्वास और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना भी है।
उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए विश्वास जताया कि ये होनहार वहां भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे और पत्थलगांव सहित पूरे जशपुर जिले का नाम रोशन करेंगे।
अब राज्य स्तरीय मंच पर होगी अगली परीक्षा
जिला स्तर पर शानदार सफलता के बाद अब इन बाल वैज्ञानिकों की निगाहें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता पर टिक गई हैं। विद्यालय परिवार में इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है। तीन परियोजनाओं की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के विद्यालयों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो बस सही मंच, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन की।