शासन का तबादला आदेश भी बेअसर! पत्थलगांव में फिर जमे संजय चन्द्रा, जिला स्तर के अटैचमेंट पर उठे सवाल

मुकेश अग्रवाल

शासन का तबादला आदेश भी बेअसर! पत्थलगांव में फिर जमे संजय चन्द्रा, जिला स्तर के अटैचमेंट पर उठे सवा

कुनकुरी हुआ तबादला, फिर पत्थलगांव में ही मिली कुर्सी! आखिर किसके आदेश से बदली गई पदस्थापना? शासन के आदेश और जिला प्रशासन के फैसले के बीच उलझा मामला

पत्थलगांव। छत्तीसगढ़ शासन के तबादला आदेश का पालन आखिर किस स्तर पर होना है? क्या शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश को जिला स्तर पर अटैचमेंट के जरिए निष्प्रभावी किया जा सकता है? पत्थलगांव जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय चन्द्रा की पदस्थापना को लेकर अब ऐसे ही सवाल प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं।

जानकारी के अनुसार, शासन स्तर से जनपद पंचायत पत्थलगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय चन्द्रा का स्थानांतरण जनपद पंचायत कुनकुरी किया गया था। लेकिन शासन के आदेश के बाद भी उनकी पत्थलगांव से विदाई नहीं हुई। बताया जा रहा है कि जिला स्तर से उन्हें पुनः पत्थलगांव में अटैच कर दिया गया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब शासन ने अधिकारी की नई पदस्थापना तय कर दी थी, तो फिर जिला स्तर पर उन्हें उसी स्थान पर बनाए रखने की नौबत क्यों आई?

मामला केवल एक अधिकारी की पदस्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन के स्थानांतरण आदेशों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक अधिकारों की सीमाओं से भी जुड़ा हुआ है। यदि शासन का आदेश जारी हो चुका था, तो उसके बाद जारी अटैचमेंट आदेश का आधार क्या है? क्या इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति ली गई या फिर जिला स्तर पर ही यह निर्णय कर लिया गया?

11 अप्रैल 2025 का विभागीय परिपत्र भी चर्चा में

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा 11 अप्रैल 2025 को जारी विभागीय परिपत्र में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के प्रभार से संबंधित निर्देशों का उल्लेख है। ऐसे में संजय चन्द्रा की पदस्थापना और अटैचमेंट की स्थिति को लेकर संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में भी परीक्षण जरूरी माना जा रहा है।

अब प्रशासन से सीधे सवाल

शासन के स्थानांतरण आदेश के बाद संजय चन्द्रा को पत्थलगांव में किस लिखित आदेश के तहत अटैच किया गया?

क्या जिला स्तर पर शासन के स्थानांतरण आदेश को स्थगित करने अथवा उसके प्रभाव में बदलाव करने का अधिकार है?

क्या इस अटैचमेंट के लिए शासन या सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति ली गई है?

क्या 11 अप्रैल 2025 के विभागीय परिपत्र और स्थानांतरण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है?

आदेश शासन का, व्यवस्था जिला स्तर की!

फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब निगाहें प्रशासन के स्पष्टीकरण पर टिकी हैं। जरूरत इस बात की है कि शासन के मूल स्थानांतरण आदेश और बाद में जारी अटैचमेंट आदेश को सार्वजनिक कर उनकी वैधानिक स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि यह पता चल सके कि आखिर संजय चन्द्रा की पत्थलगांव में पदस्थापना किस प्रशासनिक आधार पर जारी है।

बड़ा सवाल यही है कि जब शासन ने कुनकुरी भेजने का आदेश जारी कर दिया, तो फिर पत्थलगांव में उन्हें बनाए रखने का रास्ता किसने और किस अधिकार से निकाला?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button