GPS ट्रैकर ने खोली चावल-शक्कर चोर गिरोह की पोल 💥 पत्थलगांव में GPS ट्रैकर के जाल में फंसा चोर गिरोह! रायगढ़ पुलिस की आधी रात दबिश, 5 गिरफ्तार

मुकेश अग्रवाल
शक्कर की बोरी में छिपा था पुलिस का ‘डिजिटल जाल’, चोरों को भनक तक नहीं लगी; ट्रैकर का पीछा करते हुए पत्थलगांव पहुंची पुलिस, ₹38.60 लाख की संपत्ति बरामद
शासकीय राशन दुकानों में चोरी करने वाले 4 कथित चोर और चोरी का माल खरीदने के आरोप में 1 व्यक्ति गिरफ्तार
क्रेटा और इनोवा जैसी गाड़ियों से वारदात को देते थे अंजाम, चावल की बोरियों से भरी मिलीं कारें
पत्थलगांव से सीतापुर तक गिरोह के संभावित नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पत्थलगांव/रायगढ़। शासकीय राशन दुकानों से चावल और शक्कर की बोरियां उड़ाने वाले गिरोह को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस शक्कर की बोरी को वे चोरी कर रहे हैं, वही बोरी उनकी गिरफ्तारी का रास्ता खोल देगी। चोरों को लगा कि हर बार की तरह इस बार भी माल समेटकर आसानी से निकल जाएंगे, लेकिन इस बार शक्कर की बोरी में छिपा GPS ट्रैकर उनके लिए मुसीबत बन गया। रायगढ़ पुलिस ने तकनीक का ऐसा दांव खेला कि चोरी का माल लेकर निकले आरोपियों की लोकेशन सीधे पत्थलगांव तक पहुंच गई। पुलिस ने रातों-रात दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और चावल-शक्कर चोरी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
इस कार्रवाई में पुलिस ने 115 बोरी चावल और 2 बोरी शक्कर के साथ क्रेटा एवं इनोवा कार समेत कुल 38.60 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में चार लोगों पर चोरी में शामिल होने तथा एक व्यक्ति पर चोरी का माल खरीदने का आरोप है। पुलिस अब इस गिरोह की अन्य वारदातों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
शक्कर की बोरी बनी चोरों की सबसे बड़ी गलती!
रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में लंबे समय से शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को निशाना बनाया जा रहा था। अलग-अलग गांवों में चावल और शक्कर की बोरियां चोरी होने से सोसायटी संचालक परेशान थे। चोरों का तरीका भी लगभग एक जैसा था। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों से पहुंचना, राशन दुकान को निशाना बनाना और माल समेटकर फरार हो जाना।
लगातार हो रही चोरियों के बाद सोसायटी संचालकों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और पुसौर थाना प्रभारी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह ने घटनाओं का विश्लेषण किया तो एक संगठित गिरोह की संलिप्तता का संदेह गहराने लगा।
इसके बाद पुलिस ने राशन दुकान संचालकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी। सीसीटीवी कैमरे लगाना कई दुकानदारों के लिए महंगा पड़ रहा था, इसलिए पुलिस ने कम खर्च वाले GPS ट्रैकर के इस्तेमाल का सुझाव दिया।

फिर पुलिस की सलाह पर एक शक्कर की बोरी में GPS ट्रैकर छिपाकर रख दिया गया। पुलिस को उम्मीद थी कि यदि चोरों ने इस बोरी को निशाना बनाया, तो उनकी लोकेशन तक पहुंचने का रास्ता मिल सकता है। हुआ भी कुछ ऐसा ही।

चोरी की बोरी उठाई, पीछे लग गई पुलिस!
25 और 26 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात ग्राम कोतमरा की शासकीय उचित मूल्य दुकान में चोरी हुई। आरोपी अन्य सामान के साथ GPS ट्रैकर लगी शक्कर की बोरी भी उठा ले गए। उन्हें इस बात की भनक नहीं थी कि चोरी के माल के साथ पुलिस की नजर भी उनके पीछे चल पड़ी है।
चोरी की सूचना मिलते ही पुसौर पुलिस ने अपराध क्रमांक 256/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम GPS ट्रैकर के संकेतों का पीछा करने लगी। लोकेशन से आरोपियों के रायगढ़ से धरमजयगढ़ की ओर जाने की जानकारी मिली। इसके बाद घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव और रैरूमाखुर्द चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव की टीम भी कार्रवाई में शामिल हुई।
संयुक्त पुलिस टीम ट्रैकर के संकेतों के आधार पर पत्थलगांव पहुंची। वहां राशन दुकान संचालक सेवाल कुजूर के पास ट्रैकर लगी शक्कर की बोरी मिली। इसके बाद पुलिस की जांच ने तेजी पकड़ी और पूरे मामले की परतें खुलने लगीं।
पत्थलगांव में दबिश, पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सेवाल कुजूर ने बताया कि मोहम्मद हफीज, समीर आलम, डमरूधर खूंटे और संतोष कुमार माहेश्वरी चोरी का माल बेचने के इरादे से उसके पास छोड़कर गए थे। इसके बाद पुलिस ने पत्थलगांव और आसपास के क्षेत्रों में दबिश देकर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को आरोपियों के कब्जे से एक क्रेटा और एक इनोवा कार मिली, जिनमें चावल की बोरियां भरी हुई थीं। शुरुआती पूछताछ में पूर्व में चोरी किए गए माल को भी सेवाल कुजूर के पास बेचने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पुसौर थाना क्षेत्र की तीन चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। मामले में नकबजनी के साथ चोरी की संपत्ति खरीदने और संगठित होकर अपराध करने से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है।
चावल-शक्कर से लेकर लग्जरी कारों तक, 38.60 लाख का माल जब्त
रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई में अब तक कुल 115 बोरी चावल और 2 बोरी शक्कर बरामद की गई है। इनकी अनुमानित कीमत 3 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है। वहीं, चोरी में इस्तेमाल की गई क्रेटा और इनोवा कार की कीमत लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई है।
इस तरह पुलिस ने कुल 38 लाख 60 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। राशन दुकानों से चोरी के मामलों में लग्जरी कारों के इस्तेमाल का खुलासा होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार पत्थलगांव से सीतापुर तक सक्रिय अन्य समूहों से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इस संभावित नेटवर्क की पुष्टि के लिए आगे जांच की जा रही है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि शासकीय राशन दुकानों में चोरी करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ चोरी की संपत्ति बरामद करने और अपराध में सहयोग करने वालों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय तथा आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है।

गिरफ्तार किए गए पांच आरोपी
सेवाल कुजूर (52 वर्ष) — निवासी वार्ड क्रमांक 08, कोतबा, जिला जशपुर; वर्तमान निवास मुड़ापारा, पत्थलगांव।
समीर आलम (26 वर्ष) — निवासी कनकपुर, थाना रामानुजगंज, जिला बलरामपुर।
मोहम्मद हफीज (26 वर्ष) — निवासी शांतिनगर तिलडेगा, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।
संतोष कुमार माहेश्वरी (33 वर्ष) — निवासी गोढ़ीकेला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।
डमरूधर खूंटे (36 वर्ष) — निवासी गोढ़ीकेला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।
तीन मामलों का खुलासा, जांच अभी बाकी
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से पुसौर थाना क्षेत्र की तीन चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। पूर्व में 24 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत भवन कोंडपाली में चोरी के मामले में अपराध क्रमांक 197/2026 तथा 15 सितंबर 2026 को ग्राम नवापारा की शासकीय उचित मूल्य दुकान में चोरी के मामले में अपराध क्रमांक 238/2026 दर्ज किया गया था। इन मामलों में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत विवेचना की जा रही थी।
इस पूरे मामले के खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल उइके के पर्यवेक्षण में पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, घरघोड़ा थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू, रैरूमाखुर्द चौकी प्रभारी इगेश्वर यादव, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रधान आरक्षक डोल नारायण साव, श्यामलाल महंत, अमित तिर्की तथा आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, रामचरण खांडेकर, ठंडाराम गुप्ता और दिलीप सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अब पुलिस की नजर गिरोह के संभावित नेटवर्क पर है। जांच में यदि अन्य वारदातों या सहयोगियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।