बोर्ड परीक्षा में पत्थलगांव का डंका बजाने की तैयारी, टॉप-10 में जगह बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कसी कमर प्राचार्यों की समीक्षा बैठक में बनी रणनीति, कमजोर विद्यार्थियों के लिए लगेंगी एक्स्ट्रा क्लास, मेधावियों पर रहेगी विशेष नजर

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। आगामी बोर्ड परीक्षाओं में पत्थलगांव विकासखंड के विद्यार्थियों का परचम प्रदेश स्तर पर लहराने और राज्य की प्रावीण्य सूची (टॉप-10) में स्थान सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ शिक्षा विभाग ने अभी से कमर कस ली है। अब केवल परीक्षा परिणाम सुधारने की औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रदेश की टॉप-10 सूची में पत्थलगांव का नाम दर्ज कराने की चुनौती सामने है। इसी लक्ष्य को लेकर विकासखंड के समस्त हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की सामूहिक समीक्षा बैठक जनपद पंचायत पत्थलगांव के सभाकक्ष में आयोजित की गई।
बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता को नई धार देने से लेकर बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन तक की विस्तृत रणनीति तैयार की गई। खास तौर पर पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने, शिक्षण कार्य की गुणवत्ता सुधारने और कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया गया। स्पष्ट संदेश दिया गया कि इस बार परीक्षा परिणाम में सुधार के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन भी प्राथमिकता में रहेगा।
कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस, मेधावियों को टॉप-10 की तैयारी
बैठक में उन विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई, जिनका शैक्षणिक प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए एक्स्ट्रा क्लास संचालित करने, विषयवार कठिनाइयों को दूर करने तथा नियमित अभ्यास कराने की रणनीति बनाई गई। वहीं मेधावी विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन देने, नियमित टेस्ट एवं अभ्यास परीक्षाओं के जरिए उनकी तैयारी को धार देने पर सहमति बनी।
सिर्फ पढ़ाई नहीं, हर विषय के परिणाम की होगी पड़ताल
विद्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियां अपनाने तथा विषयवार परीक्षा परिणामों की बारीकी से समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया। जिस विषय में परिणाम कमजोर रहेगा, वहां सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उद्देश्य साफ है कि बोर्ड परीक्षा के समय किसी भी प्रकार की तैयारी अधूरी न रहे।
प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय, निरीक्षण से होगी पढ़ाई की निगरानी
बैठक में संकुल केंद्रों के अंतर्गत विद्यालयों के नियमित निरीक्षण और शैक्षणिक मॉनिटरिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। निरीक्षण के दौरान केवल औपचारिकता निभाने के बजाय शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपलब्धियों और विद्यालयीन गतिविधियों का वास्तविक मूल्यांकन करने पर जोर दिया गया। साथ ही प्राचार्यों को अपने विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता बताई गई।
पोर्टलों के लंबित कार्य भी समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश
शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े APAAR ID, MBU सहित विभिन्न शैक्षणिक पोर्टलों पर लंबित कार्यों की भी समीक्षा की गई। सभी आवश्यक प्रविष्टियों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर चर्चा हुई, ताकि प्रशासनिक कार्यों के साथ शैक्षणिक गतिविधियां भी व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकें।
बैठक में सभी प्राचार्यों ने अपने-अपने विद्यालयों की स्थिति एवं शैक्षणिक प्रगति की जानकारी साझा की तथा बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
कुल मिलाकर पत्थलगांव में इस बार बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारी का अंदाज बदला हुआ नजर आ रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बैठकों में बनी रणनीति कक्षाओं तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है और क्या पत्थलगांव के विद्यार्थी प्रदेश की टॉप-10 सूची में अपनी जगह बनाकर विकासखंड का गौरव बढ़ा पाते हैं।