ऑपरेशन शंखनाद: गौवंश तस्करों का पीछा, 38 गौवंश से भरा ट्रक पकड़ा; एक गिरफ्तार, ट्रक से कूदे आरोपी की मौत!

मुकेश अग्रवाल

जशपुर। गौवंश तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस ने एक बार फिर ऑपरेशन शंखनाद के तहत बड़ी कार्रवाई की है। छह चक्का ट्रक में 38 गौवंश को क्रूरतापूर्वक ठूंसकर झारखंड ले जा रहे तस्करों की योजना पर पुलिस ने पानी फेर दिया। पुलिस की घेराबंदी देखकर ट्रक में सवार आरोपी भागने लगे। इस दौरान एक आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया, जबकि दूसरा फरार हो गया। वहीं, पुलिस से बचने के प्रयास में ट्रक से कूदकर गंभीर रूप से घायल हुए गौतम कुमार भगत उर्फ चरकू की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगे ट्रक, पीछे रेकी टीम! पुलिस को चकमा देने की थी तैयारी

इस पूरे घटनाक्रम में तस्करी के कथित नेटवर्क का एक अहम पहलू भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तस्करों के साथ एक कार में सवार रेकी टीम भी चल रही थी, जो रास्ते में पुलिस की गतिविधियों और चेकिंग की जानकारी ट्रक सवार लोगों तक पहुंचा रही थी। तस्करों को उम्मीद थी कि पुलिस की गतिविधियों की जानकारी पहले मिल जाने से वे आसानी से निकल जाएंगे, लेकिन जशपुर पुलिस की घेराबंदी के सामने उनकी योजना काम नहीं आई।

28 अक्टूबर 2026 को जशपुर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि झारखंड नंबर का ट्रक क्रमांक JH-02-L-0355 चरईडांड़ से लोरो घाट होते हुए जशपुर की ओर आ रहा है। ट्रक में गौवंश को बेरहमी से भरकर तस्करी किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई।

अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन और एसडीओपी जशपुर निमितेश सिंह के पर्यवेक्षण में थाना लोदाम, सिटी कोतवाली जशपुर एवं थाना दुलदुला की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभाला।

खटंगा में पुलिस को देखकर बढ़ाई रफ्तार, काईकछार में घेराबंदी

पुलिस टीम ने ग्राम खटंगा के पास नाकाबंदी कर ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी और बिना रुके आगे निकल गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल दूसरी टीम को सूचना देकर ट्रक की धरपकड़ तेज कर दी।

ग्राम काईकछार के पास पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक तेज रफ्तार से पहुंचा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया तो ट्रक में सवार लोग वाहन छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोजामिल अंसारी (29 वर्ष), निवासी ग्राम उगारा, थाना सेन्हा, जिला लोहरदगा, झारखंड के रूप में हुई है।

ट्रक से कूदने के बाद गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में मौत

पुलिस के मुताबिक, ट्रक का पीछा किए जाने के दौरान गौतम कुमार भगत उर्फ चरकू ट्रक से कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्काल जिला अस्पताल जशपुर पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस ने मृतक की मौत के संबंध में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना किन परिस्थितियों में हुई, ट्रक से कूदने के पीछे क्या वजह थी और इसमें अन्य व्यक्तियों की क्या भूमिका रही, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बूचड़खाने ले जाने के लिए भरने का आरोप, 38 गौवंश बरामद

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और उसके मेमोरेंडम कथन में खुलासा हुआ कि गौवंश को ग्राम मोरगा, जिला कोरबा से ट्रक में लोड किया गया था। इस काम में गौतम कुमार भगत उर्फ चरकू और मोजामिल अंसारी के शामिल होने की बात सामने आई है। पूछताछ में गुलाम अंसारी, निवासी साईं टांगरटोली, का नाम भी सामने आया है।

आरोपी के कथन के अनुसार, गौवंश को वध के उद्देश्य से बूचड़खाने ले जाने के लिए झारखंड के सिसई की ओर ले जाया जा रहा था। पशुओं को रस्सियों से बांधकर ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरा गया था और उनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था नहीं थी।

आरोपी ने यह भी बताया कि ट्रक के आगे कार में सवार साथी चल रहे थे और रास्ते में पुलिस चेकिंग की सूचना फोन से देने की योजना थी। गौवंश के वास्तविक स्वामित्व, तस्करी के उद्देश्य, आर्थिक लेन-देन और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है।

तीन हजार रुपये में गौवंश ढोने की बात, नेटवर्क की जांच तेज

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि गौवंश को ट्रक से लाने-ले जाने के एवज में उसे 3,000 रुपये देने की बात हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, गौवंश का वास्तविक मालिक कौन है और पूरे नेटवर्क का संचालन किसके जरिए किया जा रहा था।

पुलिस ने ट्रक में भरे कुल 38 गौवंश और तस्करी में इस्तेमाल छह चक्का ट्रक को जब्त कर लिया है। ट्रक के वैध दस्तावेज नहीं मिलने की बात भी पुलिस ने कही है। वाहन के पंजीयन और स्वामित्व संबंधी विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है।

दो अधिनियमों के तहत अपराध दर्ज, फरार आरोपियों की तलाश

मामले में थाना सिटी कोतवाली जशपुर में छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(क) एवं 11(1)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, फरार आरोपियों को चिन्हित कर उनकी पतासाजी की जा रही है। मृतक की मौत के मामले में जांच के बाद आवश्यकतानुसार पृथक अपराध दर्ज कर अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का दो टूक संदेश—तस्करी के नेटवर्क पर भी होगा प्रहार

जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौवंश तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। केवल ट्रक में सवार लोगों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क, रेकी टीम, वाहन के स्वामित्व और आर्थिक लेन-देन की भी गहन जांच की जाएगी।

38 गौवंश की बरामदगी, एक आरोपी की गिरफ्तारी और ट्रक से कूदने के बाद घायल व्यक्ति की मौत—इस पूरे घटनाक्रम ने गौवंश तस्करी के मामले को गंभीर बना दिया है। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस कथित नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों तक कानून का शिकंजा कब पहुंचता है।

 

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