मौसम की मार, चोरों का वार! पत्थलगांव में आखिर कब जागेगी पुलिस? संदीप एजेंसी में 5 महीने बाद फिर चोरी, छत का ताला तोड़कर नगदी और मोबाइल पार; दोहरे हत्याकांड से लेकर वृद्ध महिला की हत्या तक कई मामले अब भी अनसुलझे

 

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव।

पत्थलगांव में नागरिकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर मौसम की मार से लोग परेशान हैं, तो दूसरी ओर चोरों के बढ़ते हौसले ने व्यापारियों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। चोरों के निशाने पर अब दुकानें हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। ताजा मामला अंबिकापुर रोड स्थित महिंद्रा शोरूम के सामने की संदीप एजेंसी का है, जहां चोरों ने हजारों रुपये की नगदी और मोबाइल फोन पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात यह है कि इसी दुकान में करीब पांच महीने पहले भी लाखों रुपये की चोरी हुई थी। बार-बार एक ही दुकान को निशाना बनाया जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

पांच महीने बाद फिर उसी दुकान में चोरी, चोरों के हौसले बुलंद!

संदीप एजेंसी में चोरी की ताजा वारदात ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, चोरों ने एक बार फिर ऊपर छत के रास्ते प्रवेश किया और वहां लगे ताले को तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोर दुकान से हजारों रुपये की नगदी और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए।

गौरतलब है कि करीब पांच महीने पहले भी इसी दुकान में लाखों रुपये की चोरी हुई थी। उस समय चोर नगदी रकम के साथ सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर तक उखाड़कर ले गए थे, ताकि उनके सुराग मिलने की संभावना कम हो जाए। अब दोबारा उसी दुकान में चोरी होने से सवाल उठ रहा है कि आखिर चोरों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं?

दुकान संचालक के मुताबिक, इस बार सीसीटीवी कैमरे में चोर की तस्वीर कैद हुई है, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस सुराग के आधार पर आरोपी तक कब पहुंचती है और चोरी की वारदात का खुलासा कब होता है।

पुरानी चोरियों की फाइलें बंद अलमारियों में या कार्रवाई का इंतजार?

पत्थलगांव क्षेत्र में चोरी की पुरानी घटनाओं को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। व्यापारियों और नागरिकों के बीच यह चर्चा है कि कई मामलों का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। ऐसे में नई वारदातों के बीच पुरानी चोरियों की याद फिर ताजा हो गई है।

सवाल सीधा है—जब एक ही दुकान में दोबारा चोरी हो सकती है, तो क्या क्षेत्र में सक्रिय चोरों के मन से कानून का डर खत्म होता जा रहा है? पुरानी घटनाओं का खुलासा और नए मामलों में त्वरित कार्रवाई ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब दे सकती है।

दोहरा हत्याकांड आज भी पहेली, पाकरगांव मामले में खुलासे का इंतजार

पत्थलगांव थाना क्षेत्र के पाकरगांव में जमीन विवाद को लेकर हुए दोहरे हत्याकांड का मामला भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे को लेकर स्पष्ट नतीजा सामने नहीं आने से लोगों में चिंता बनी हुई है।

दो लोगों की हत्या जैसे गंभीर मामले में लंबे समय तक समाधान नहीं निकलना पुलिस की जांच की प्रगति पर सवाल खड़े करता है। आखिर इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी कब सुलझेगी और पीड़ित पक्ष को न्याय कब मिलेगा? क्षेत्र के लोग इन सवालों के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

केराकछार में वृद्ध महिला की हत्या भी बनी अनसुलझी गुत्थी

इसी तरह केराकछार में एक वृद्ध महिला की हत्या का मामला भी अब तक सुलझ नहीं पाया है। एक ओर चोरी की वारदातें सामने आ रही हैं, तो दूसरी ओर गंभीर आपराधिक मामलों का लंबे समय तक अनसुलझा रहना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।

लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बीच लोगों की अपेक्षा है कि पुलिस पुराने प्रकरणों की समीक्षा करे, लंबित जांच में तेजी लाए और नए मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे। आखिर कब तक गंभीर आपराधिक घटनाओं की फाइलें धूल फांकती रहेंगी? यह सवाल अब चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

नए थाना प्रभारी से जगी उम्मीद, अब पुराने मामलों के खुलासे की बारी!

हालांकि, पत्थलगांव के नवपदस्थ थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार ने पदभार संभालने के बाद क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने पुराने मामलों पर नजर रखने के साथ आदतन बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। हाल ही में छह आदतन बदमाशों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया है। वहीं, पुराने वारंटियों को पकड़कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई भी लगातार की जा रही है।

इन कार्रवाइयों से पुलिस की सक्रियता के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने और लंबे समय से अनसुलझे गंभीर मामलों को सुलझाने की है।

अब कार्रवाई नहीं, नतीजों पर टिकी हैं लोगों की निगाहें

पत्थलगांव में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ नई चोरी की वारदातों पर लगाम लगाना, तो दूसरी तरफ पुराने मामलों की गुत्थी सुलझाकर लोगों का भरोसा मजबूत करना।

संदीप एजेंसी में चोरी की घटना में सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे जाने के बाद अब आरोपी तक पहुंचना जांच का अहम पड़ाव होगा। वहीं, पाकरगांव के दोहरे हत्याकांड और केराकछार में वृद्ध महिला की हत्या जैसे मामलों में भी ठोस प्रगति की उम्मीद की जा रही है।

अब सवाल यही है—क्या पत्थलगांव पुलिस पुराने मामलों पर जमी धूल हटाकर अपराधियों तक पहुंचेगी, या चोरों और अनसुलझे मामलों का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?

 

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