बीईओ की अनूठी पहलनवोदय की राह होगी आसान! पत्थलगांव के हर संकुल में शुरू हुई विशेष कोचिंग, ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने मैदान में उतरे शासकीय शिक्षक

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव। ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कमी नहीं, जरूरत है तो बस उन्हें सही दिशा और बेहतर मार्गदर्शन देने की। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी  कमलेश यादव पत्थलगांव ने एक सराहनीय पहल की है। जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा छठवीं की प्रवेश परीक्षा में ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चे सफलता का परचम लहरा सकें, इसके लिए विकासखंड के सभी संकुलों में विशेष निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं का आगाज कर दिया गया है।

अब नवोदय में प्रवेश की तैयारी के लिए बच्चों को महंगी निजी कोचिंग अथवा दूर-दराज के संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। संकुल स्तर पर ही अनुभवी एवं विषय विशेषज्ञ शासकीय शिक्षक पांचवीं कक्षा के पात्र और इच्छुक विद्यार्थियों को निःशुल्क मार्गदर्शन दे रहे हैं। इस पहल ने ग्रामीण विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने की उम्मीद जगा दी है।

मानसिक योग्यता से गणित तक, हर विषय पर होगी पैनी तैयारी

विशेष कोचिंग में विद्यार्थियों को मानसिक योग्यता, गणित, भाषा ज्ञान और तार्किक क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की गहन तैयारी कराई जा रही है। केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहते हुए मॉडल प्रश्नपत्रों का अभ्यास, समय प्रबंधन और परीक्षा में प्रश्न हल करने की रणनीति भी सिखाई जा रही है, ताकि विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकें।

निजी कोचिंग का विकल्प बना सरकारी शिक्षकों का मिशन

इस पहल की सबसे खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन का अवसर मिलेगा। आर्थिक तंगी या ग्रामीण परिवेश अब उनकी तैयारी में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से शासकीय शिक्षकों को इस अभियान से जोड़ा गया है। विकासखंड के सभी संकुलों में इस व्यवस्था को लागू कर शिक्षा विभाग ने प्रतिभाओं को उनके अपने क्षेत्र में ही तराशने का प्रयास किया है।

बीईओ ने शिक्षकों को दिया मिशन मोड में काम करने का संदेश

विकासखंड शिक्षा अधिकारी कमलेश यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली बच्चों की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की। उन्होंने संकुल समन्वयकों एवं संबंधित शिक्षकों को निर्देशित किया है कि नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक इस सुविधा का लाभ पहुंचे।

उन्होंने शिक्षकों से इस अभियान को महज औपचारिकता न मानकर शैक्षणिक जिम्मेदारी और मिशन के रूप में संचालित करने का आह्वान किया है। वहीं अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति और घर पर अभ्यास सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।

अब गांव के बच्चों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

पत्थलगांव विकासखंड की यह पहल सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत करने वाली है। यदि इस अभियान को इसी उत्साह और निरंतरता के साथ आगे बढ़ाया गया तो आने वाले समय में ग्रामीण अंचल के अनेक विद्यार्थी नवोदय विद्यालय के दरवाजे तक पहुंच सकते हैं। अब देखना होगा कि शिक्षकों की मेहनत और बच्चों की लगन मिलकर नवोदय प्रवेश परीक्षा में कितनी नई सफलता की कहानी लिखती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button