एसएसपी शशि मोहन सिंह का अल्टीमेटम — “सट्टा छोड़ो वरना जेल की सलाखें तैयार हैं गोवा से रायगढ़ तक फैले सट्टा नेटवर्क में भगदड़, पुलिस के दबाव में झुका गुड्डा सरदार

मुकेश अग्रवाल

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रायगढ़। ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस की लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई से अब सट्टा कारोबारियों में खौफ साफ दिखाई देने लगा है। “ऑपरेशन अंकुश” के तहत पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच जिले के चर्चित सट्टा खाईवाल जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने आखिरकार रायगढ़ पुलिस के सामने घुटने टेक दिए। मंगलवार को आरोपी सीधे एसपी ऑफिस पहुंचा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से फरार चल रहा जसमीत बग्गा पुलिस की लगातार निगरानी, दबिश और तकनीकी जांच से बुरी तरह घिर चुका था। आखिरकार डर, तनाव और गिरफ्तारी की आशंका के बीच उसने सरेंडर करना ही बेहतर समझा। एसपी ऑफिस में आरोपी ने सट्टे के अवैध कारोबार से हमेशा के लिए तौबा करने और मुख्यधारा में लौटकर नया जीवन शुरू करने की बात कही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि रायगढ़ पुलिस की नजर जिले के हर अवैध कारोबार पर है। चाहे सट्टा हो, हवाला हो या साइबर अपराध — अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की पकड़ से बच नहीं सकता। उन्होंने साफ संदेश दिया कि अवैध कमाई का लालच आखिरकार जेल और बर्बादी तक ही पहुंचाता है।

फरारी में डर-डर कर जी रहा था गुड्डा सरदार

पूछताछ में आरोपी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने कबूल किया कि फरारी के दौरान वह लगातार डर और मानसिक तनाव में जी रहा था। परिवार की चिंता और पुलिस की बढ़ती कार्रवाई ने उसकी नींद उड़ा दी थी। आरोपी ने युवाओं से भी ऑनलाइन सट्टा और जुए से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि इस धंधे का अंत केवल बदनामी, आर्थिक तबाही और जेल है।

करन चौधरी गैंग का था बड़ा खिलाड़ी

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जसमीत बग्गा, रायगढ़ के चर्चित सट्टा संचालक करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल के पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा था। वह सिर्फ नेटवर्क संभालता ही नहीं था बल्कि खुद भी बड़ा खाईवाल बन चुका था। जांच में उसके तार घरघोड़ा के गौतम भोजवानी, रायपुर के मोहित सोमानी और प्रकाश वाधवानी जैसे बड़े सट्टा कारोबारियों से जुड़े मिले हैं।

साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की गिरफ्तारी, जप्ती और हवाला लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक परतें खोलने में जुटी है।

कैसे खुला पूरे सट्टा सिंडिकेट का राज ?

26 अप्रैल को साइबर सेल, कोतवाली थाना और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने रायगढ़ और घरघोड़ा में एक साथ दबिश देकर ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया था। कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल, डिजिटल रिकॉर्ड और नगदी जब्त की गई थी।

पूछताछ में सामने आया कि पूरे नेटवर्क का संचालन रायगढ़ के खाईवाल करन चौधरी और जसमीत बग्गा के इशारे पर हो रहा था। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और बैंक ट्रांजेक्शन खंगालकर पूरे सिंडिकेट की तह तक पहुंचना शुरू किया।

गोवा के बीच से लेकर रायगढ़ तक फैला था जाल

जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली और गोवा तक फैला हुआ था। सट्टे से आने वाली काली कमाई को पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य कारोबारियों के जरिए खपाया जाता था, फिर हवाला चैनल के माध्यम से रकम आगे भेजी जाती थी।

रायगढ़ पुलिस ने पहले करन चौधरी को दबोचा, फिर कृष्णा प्राइड टॉवर से पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की थी, जिसमें भारी नकदी, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन शामिल थे।

इसके बाद पुलिस टीम ने गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित किराए के विला में दबिश देकर मध्य भारत के बड़े सट्टा नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मोबाइल, लैपटॉप और हिसाब-किताब के दस्तावेज मिटाने की कोशिश कर चुके थे। मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए और आरोपियों को पूछताछ के लिए रायगढ़ लाया गया।

“ऑनलाइन सट्टा और जुए के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। युवाओं को आसान कमाई के लालच से बचना चाहिए, क्योंकि अपराध का रास्ता आखिरकार जेल तक ही जाता है।” – एसएसपी शशि मोहन सिंह

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