ओमनी कार में ‘मोबाइल का काला कारोबार’ बेनकाब : 760 मोबाइल और 95 किलो चांदी की पायल के साथ 5 तस्कर दबोचे गांधीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड कनेक्शन की भी जांच शुरू

मुकेश अग्रवाल

अंबिकापुर। हाट-बाजारों से चोरी और अवैध तरीके से मोबाइल खरीदकर दूसरे राज्यों में खपाने वाले गिरोह का गांधीनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बनारस रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध ग्रे रंग की ओमनी कार को रोककर तलाशी ली, जहां से भारी मात्रा में अवैध मोबाइल और धातु की पायल बरामद हुई। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओमनी कार में सवार कुछ लोग चोरी एवं अवैध रूप से प्राप्त मोबाइल फोन को दूसरे राज्यों में बेचने ले जा रहे हैं। इन मोबाइलों का उपयोग साइबर फ्रॉड और अन्य आपराधिक गतिविधियों में होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना गांधीनगर पुलिस ने बनारस रोड पर घेराबंदी कर वाहन को रोका।

तलाशी के दौरान पुलिस के भी होश उड़ गए। कार में रखी प्लास्टिक बोरियों से 110 नग स्मार्टफोन, 650 नग कीपैड मोबाइल और करीब 95 किलो 500 ग्राम धातु की पायल बरामद हुई। आरोपियों से जब सामान के वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 2283/2026 धारा 317(2), 317(3), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही ओमनी वाहन क्रमांक WB 58 BP 8233 को भी जप्त कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जिले के निवासी सेन्तु शेख, गफ्फार शेख, असिम शेख, इब्राहिम शेख और माशदुल शेख शामिल हैं। सभी आरोपियों को 18 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के तार साइबर अपराध और अंतरराज्यीय चोरी गिरोह से जुड़े होने के एंगल पर भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और ग्रामीण हाट-बाजारों से चोरी के मोबाइल सस्ते दामों में खरीदकर दूसरे राज्यों में खपाता था।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक अभिषेक दूबे, आरक्षक राहुल सिंह, रमन मंडल, घनश्याम देवांगन, सत्यम सिंह और सुल्तान अहमद की अहम भूमिका रही।

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