शहर में नशे के आदि चोरों का सिर चढ़कर बोल रहा आतंक पत्थलगांव पुलिस ने एक बालिग व दो नाबालिग चोरों को पकड़ा अपराधी अपराध करते हैं तो बक्शे नहीं जाएंगे धुर्वेश जायसवाल एसडीओपी

मुकेश अग्रवाल /पत्थलगांव । पत्थलगांव थाना क्षेत्र में इन दिनों एक अजीब सा ट्रेंड चल पड़ा है — चोरी भी हो रही है और चोर भी वही पुराने, लेकिन अंदाज़ नया। शहर में नशे के आदी हो चुके कुछ बालिग और नाबालिग चोरों का आतंक ऐसा बढ़ा है कि लोग अब चोरी की खबर सुनकर हैरान नहीं, बल्कि पूछते हैं — “आज किसके यहां हाथ साफ हुआ?”
बताया जा रहा है कि ये नाबालिग चोर अपनी कम उम्र को ढाल बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने में माहिर हो चुके हैं। पकड़ाए तो मासूम चेहरा, छूटे तो फिर वही कारनामा। शहर के कई लोग इन चोरों को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर चुके हैं, लेकिन नशे की लत और बेखौफ अंदाज़ ने इन्हें सुधरने का मौका ही नहीं दिया।
गोदाम से तांबा-एल्यूमिनियम गायब, नजर रखी तो पकड़ में आए
ताजा मामला जशपुर रोड स्थित एक गोदाम का है, जहां कई दिनों से तांबा, एल्यूमिनियम और अन्य कीमती कबाड़ धीरे-धीरे गायब हो रहा था। पहले दुकानदार को लगा कि शायद हिसाब में गड़बड़ी है, लेकिन जब नजर रखी गई तो चोरी का पूरा खेल सामने आ गया।
जांच में एक बालिग चोर सहित दो नाबालिगों का नाम सामने आया, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
पंडित जी की छत भी नहीं बची
चोरों की हिम्मत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जशपुर रोड स्थित शहर के एक विख्यात पंडित के घर की छत से भी सेंटरिंग प्लेट चोरी होने लगी। पूछताछ में इस चोरी को भी इन्हीं चोरों ने कबूल किया।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ महीने पहले भी ये नशे के आदी चोर पकड़े गए थे, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी उनकी मासूमियत का कार्ड भारी पड़ता नजर आया।
नागरिकों की मांग — “चोर ही नहीं, खरीददार भी पकड़ो”
शहर के नागरिकों का कहना है कि ये चोर चोरी के सामान को औने-पौने दाम में बेच देते हैं और असली खेल वहीं से शुरू होता है।
लोगों ने पुलिस से मांग की है कि चोरी का सामान खरीदने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नागरिकों का साफ कहना है —
अगर खरीददारों पर शिकंजा कसा जाए, तो चोरी का बाजार अपने आप ठंडा पड़ जाएगा।
लेकिन फिलहाल हालात ऐसे हैं कि चोर पकड़ में आ जाते हैं और खरीददार हर बार साफ बच निकलते हैं।
पुलिस का तर्क है कि कई मामलों में प्रार्थी रिपोर्ट ही दर्ज नहीं कराते। मगर शहर के लोग पूछ रहे हैं —“अगर कार्रवाई नहीं होगी, तो चोरों के हौसले क्यों नहीं बढ़ेंगे?”
नशे के सामान बेचने वालों पर भी उठे सवाल
शहर में नाबालिग बच्चों के नशे की लत को लेकर भी लोगों में नाराजगी है।
सुलेशन, व्हाइटनर जैसे नशे के सामान बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
नागरिकों का कहना है —
“अगर पेड़ की जड़ काट दी जाए, तो पौधा अपने आप सूख जाता है।”
यानी नशे की सप्लाई बंद होगी, तो चोरी की घटनाएं भी कम हो सकती हैं।
चाइल्डलाइन संस्था भी सवालों के घेरे में–
लोगों का कहना है कि जब कोई बड़ी घटना हो जाती है तब तो चाइल्डलाइन सक्रिय नजर आती है, लेकिन जो बच्चे धीरे-धीरे अपराध और नशे की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हें रोकने के लिए कोई ठोस प्रयास दिखाई नहीं देता।
जिसे लेकर संस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पुरानी बड़ी चोरियां अब भी अनसुलझी–
पत्थलगांव में इससे पहले भी कई बड़ी चोरियां हो चुकी हैं, लेकिन कई मामलों में पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिली है।
इनमें प्रमुख हैं —
कोयला फैक्ट्री गली में लाखों के जेवरात चोरी
अंबिकापुर रोड स्थित पूजा स्थल में हजारों की चोरी
तमता बूट हाउस में लाखों का माल पार
और शहर में हुई कई छोटी-बड़ी वारदातें
इन घटनाओं ने शहर के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल सवाल यही है —
क्या पुलिस इस बार सिर्फ चोरों तक सीमित रहेगी, या चोरी के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसेगी?
क्योंकि शहर के लोग अब यही कह रहे हैं —
“चोरी का खेल तभी रुकेगा, जब चोर, खरीददार और नशे की सप्लाई — तीनों पर एक साथ कार्रवाई होगी।”
पत्थलगांव एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल ने कहा कि अपराधी कोई भी हो मामले पर कड़ी कार्यवाही की जावेगी




