धूमधाम से मनाया गया देवउठनी एकादशी का पर्व नगर में बैंड बाजा के साथ निकासी निकाल कर कराया गया तुलसी विवाह

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगाव में मंगलवार को देवउठनी एकादशी पर्व श्रद्धा भाव से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने गन्ने का मंडप बनाकर तुलसी की पूजा की। देवउठनी एकादशी के साथ मांगलिक कार्य प्रारंभ हो गया। देवउठनी एकादशी को पत्थलगाव में छोटी दिवाली के रूप में मनाते हैं। इस लिए बाजार में दिवाली की तरह रौनक रही। पूरे दिन गन्ना, फूल माला व अन्य पूजा के सामान खरीदने लोगों की भीड़ लगी रही। लोगों ने दिवाली की तरह की घरों की साफ-सफाई कर शाम को पूजा अर्चना की। इस दौरान लोगों ने अपने-अपने घरों के बाहर आकर्षक रंगोली भी बनाई। देवउठनी एकादशी पर दिवाली जैसा माहौल रहा। इस दौरान गन्ने की जमकर खरीदारी हुई। एक दिन पूर्व ही शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र के किसान गन्ना लेकर पहुंचे थे। गन्ना 40-50 रुपए जोड़ी बिका। इसके अलावा फूल, माला की भी बिक्री जमकर हुई। वहीं देवउठनी एकादशी पर गन्ने के अलावा शकरकंद का भी विशेष महत्व है। दिवाली के बाद पुन: छोटी दिवाली के रूप में देवउठनी एकादशी का इंतजार रहता है। देवउठनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने गन्ने का मंडप बनाकर तुलसी व शालिग्राम का विवाह करायाा। इसके बाद पूरी रात दिवाली की तरह लोगों ने आतिशबाजी की। देवउठनी एकदशी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो गए। मान्यता है भगवान विष्णु 17 जुलाई से देवशयनी एकादशी पर योग निंद्रा में चले जाते हैं। इस लिए मांगलिक कार्य पूरी तरह से बंद हो जाता है। देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु निंद्रा से जागते हैं। इसके साथ ही शुभ मुहूत व मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाता है।
तुलसी विवाह की रही धूम

नगर में देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह की धूम रही जहां लोगों ने बैंड बाजे की धुन पर तुलसी विवाह के लिए निकासी निकाली गई एवं सतनारायण मंदिर पहुंचकर तुलसी विवाह की रस्म पूरी कर लोगों ने अपने-अपने घरों पर तुलसी विवाह किया वहीं नगर के प्रमुख पंडित भक्ता महाराज द्वारा धर्मशाला में दो दर्जन से ज्यादा जोड़ों के मौजूदगी साथ तुलसी विवाह करवाया गया।




