766 गांव, एक दिन और बना विश्व रिकॉर्ड! हेलमेट की हुंकार से गूंजा जशपुर, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई पुलिस की ऐतिहासिक मुहिम”



मुकेश अग्रवाल
पुलिस कप्तान डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस का अनोखा कारनामा, एक साथ 766 गांवों में जन चौपाल लगाकर सड़क सुरक्षा का दिया संदेश, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने किया सम्मानित।
पत्थलगांव/जशपुर।
सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में जशपुर पुलिस ने ऐसा इतिहास रच दिया, जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। हेलमेट जागरूकता अभियान को लेकर जशपुर पुलिस ने एक ही दिन में जिले के 766 गांवों में एक साथ जन चौपाल आयोजित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी बचाने के संकल्प की जीत है। जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को रोकने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान ने देखते ही देखते जनआंदोलन का रूप ले लिया।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह को प्रमाण पत्र एवं मेडल प्रदान कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि को मान्यता दी।
10 हजार लोगों की हेलमेट रैली, 60 हजार ने ली सड़क सुरक्षा की शपथ
18 अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस अभियान की शुरुआत हेलमेट रैली से हुई थी। कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और हजारों नागरिकों ने बाइक रैली निकालकर लोगों को हेलमेट पहनने का संदेश दिया। जिले भर में आयोजित रैलियों में 10 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी रही, जबकि 60 हजार से ज्यादा नागरिकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।
मुख्यमंत्री से लेकर आम नागरिक तक बने अभियान का हिस्सा
अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि हेलमेट के महत्व को लेकर मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और 3 हजार से अधिक गणमान्य नागरिकों ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से हेलमेट पहनने की अपील की। सोशल मीडिया के माध्यम से यह संदेश जिले के अंतिम गांव तक पहुंचाया गया।
766 गांवों में एक साथ चौपाल, बना नया कीर्तिमान
24 जून को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जशपुर जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ जन चौपाल लगाई गई। पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और 5 हजार से अधिक पुलिस मितानों ने ग्रामीणों को हेलमेट, सीट बेल्ट, नशामुक्त वाहन संचालन और यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक किया।
यही नहीं, कई ग्राम सभाओं में हेलमेट को अनिवार्य बनाने और इसके उपयोग को बढ़ावा देने के प्रस्ताव भी पारित किए गए।
‘पुलिस मितान’ बने अभियान की ताकत
जशपुर पुलिस द्वारा गठित लगभग 5 हजार पुलिस मितान इस अभियान की रीढ़ साबित हुए। गांव-गांव में पहुंचकर उन्होंने न सिर्फ लोगों को जागरूक किया बल्कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास का मजबूत पुल भी बनाया।

पुलिस कप्तान लाल उम्मेद सिंह ने टीम को समर्पित की उपलब्धि
पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय जिले के सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस मितानों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों को देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड केवल एक उपलब्धि नहीं बल्कि लोगों की जान बचाने का संकल्प है।
जशपुर बना मिसाल
- जहां अधिकांश अभियान कागजों तक सीमित रह जाते हैं, वहीं जशपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को घर-घर तक पहुंचाकर यह साबित कर दिया कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो जनजागरूकता भी विश्व रिकॉर्ड बना सकती है। अब देखना यह होगा कि हेलमेट की यह मुहिम सड़क हादसों में कितनी कमी लाती है, लेकिन इतना तय है कि जशपुर ने देश को सड़क सुरक्षा का नया मॉडल जरूर दे दिया है।