बाईपास सड़क या अधूरी विकास गाथा? 10 साल पहले हुआ भूमि अधिग्रहण, आज भी सड़क निर्माण का इंतजार



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव।पत्थलगांव शहर की बहुप्रतीक्षित बाईपास सड़क परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। लगभग एक दशक पूर्व इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई थी और प्रभावित किसानों को मुआवजा भी प्रदान किया गया था। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि बाईपास सड़क बनने से शहर को ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से राहत मिलेगी, लेकिन वर्षों बाद भी परियोजना धरातल पर नजर नहीं आ रही है।
जनता की बढ़ती चिंता
शहरवासियों का कहना है कि बाईपास सड़क को लेकर समय-समय पर घोषणाएं और आश्वासन तो मिले, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके चलते लोगों में निराशा बढ़ रही है। नागरिकों का मानना है कि यदि बाईपास सड़क का निर्माण हो जाता तो शहर के मुख्य मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
जाम से जूझ रहा शहर
हाल के दिनों में पत्थलगांव शहर में लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम ने बाईपास सड़क की आवश्यकता को फिर उजागर कर दिया है। भारी वाहनों, बसों, स्कूल वाहनों और अन्य यात्री वाहनों के कारण शहर की सड़कों पर घंटों जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहन भी प्रभावित होते हैं।
उठ रहे हैं कई सवाल
शहर के नागरिक अब यह जानना चाहते हैं कि भूमि अधिग्रहण के बाद भी सड़क निर्माण क्यों शुरू नहीं हो पाया। परियोजना किस स्तर पर लंबित है और इसके लिए कौन-सा विभाग या एजेंसी जिम्मेदार है, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही है।
विकास की राह कब होगी पूरी?
प्रदेश और केंद्र में एक ही दल की सरकार होने के बावजूद परियोजना का लंबित रहना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होते हुए देखना है।
पत्थलगांव की बाईपास सड़क फिलहाल फाइलों और घोषणाओं में अधिक दिखाई देती है, जबकि शहरवासी इसके धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि यह बहुप्रतीक्षित परियोजना कब गति पकड़ती है और शहर को जाम की समस्या से कब राहत मिलती है।