पत्थलगांव में ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी : फॉरेस्ट ऑफिस के सामने सड़क बनी “सब्जी मंडी”, दिनभर जाम से लोग हलाकान

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव।
पत्थलगांव-जशपुर मुख्य मार्ग पर फॉरेस्ट विभाग कार्यालय के सामने इन दिनों हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। सड़क किनारे सब्जी, फल और अन्य अस्थायी दुकानों की भरमार ने पूरे इलाके को अघोषित बाजार में तब्दील कर दिया है। हालत यह है कि खरीदारी करने पहुंच रहे लोग अपनी कार और बाइक सीधे सड़क पर खड़ी कर दे रहे हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
यह वही सड़क है जहां हर मिनट छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही बनी रहती है और जशपुर आने-जाने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से लग रही दुकानों और बेतरतीब पार्किंग पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
हर दिन दुर्घटना का खतरा, फिर भी बेखौफ अतिक्रमण
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते एक महीने से लगातार सड़क किनारे दुकानें सज रही हैं। लोग आराम से सड़क पर वाहन खड़े कर खरीदारी कर रहे हैं और ट्रैफिक रेंगने को मजबूर है। कई बार एम्बुलेंस और जरूरी वाहनों तक को निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राहगीरों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है?
ट्रैफिक पुलिस आखिर करती क्या है?
शहर में ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी होने के बावजूद सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों पर कार्रवाई न होना लोगों के गुस्से को और बढ़ा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि लगातार चालानी कार्रवाई हो और सड़क किनारे अतिक्रमण हटाया जाए तो स्थिति काफी हद तक सुधर सकती है।
लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि जिन दुकानों के सामने सड़क पर वाहन खड़े हो रहे हैं, उनके खिलाफ भी प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।
प्रशासन की परीक्षा, जनता इंतजार में
स्थानीय नागरिकों द्वारा कई बार प्रशासन को संभावित दुर्घटनाओं और ट्रैफिक समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सड़क को जाम मुक्त बनाने के लिए कोई सख्त कदम उठाता है या फिर इसी तरह सड़कें पार्किंग और बाजार बनती रहेंगी और आम लोग परेशान होते रहेंगे।




