जंगल में सज रहा था जुए का फड़, पुलिस ने डाल दिया ‘अंकुश’! 8 जुआरी गिरफ्तार नहर किनारे 52 पत्ती का खेल, अचानक पुलिस ने घेरा तो उड़ गई जुएबाजों की हवाइयां — ₹11,400 नकद, 3 बाइक और 3 मोबाइल जब्त



मुकेश अग्रवाल
जंगल की खामोशी के बीच नहर किनारे 52 पत्ती का खेल चल रहा था। जुआरियों को शायद लगा होगा कि शहर से दूर जंगल में पुलिस की नजर नहीं पहुंचेगी, लेकिन उनका यह ‘भरोसा’ ज्यादा देर नहीं टिक सका। पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक घेराबंदी की और जुए की महफिल को वहीं समेट दिया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में जुआ-सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत रैरुमाखुर्द और लैलूंगा पुलिस ने ग्राम भालूपखना जंगल में बड़ी कार्रवाई करते हुए जुआ खेल रहे 8 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार मौके से ₹11,400 नगद, 52 पत्ती ताश, 3 मोटरसाइकिल, 3 मोबाइल फोन और एक लाल रंग की छींटदार दरी जब्त की गई। यानी जंगल में जुए की महफिल सजाने के लिए इंतजाम पूरा था, लेकिन पुलिस की एंट्री ने पूरा खेल ही बिगाड़ दिया।
जंगल समझा था सुरक्षित ठिकाना, पुलिस ने बना दिया कार्रवाई का मैदान
पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम भालूपखना जंगल में नहर के किनारे कुछ लोग ताश के पत्तों पर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में रैरुमाखुर्द चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के नेतृत्व में लैलूंगा थाना और रैरुमाखुर्द चौकी की संयुक्त टीम सक्रिय हुई।
टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की तो जुए की बाजी लगा रहे लोग पुलिस के शिकंजे में आ गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर जुआ फड़ से नगदी समेत अन्य सामान जब्त किया।
8 आरोपियों के नाम सामने आए
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में देवराज अग्रवाल (50), निवासी पत्थलगांव; नितई राम केंवट (72), निवासी राजपुर; रामजीवन राठिया (40), निवासी रैरुमाखुर्द; कुंवर सिंह अगरिया (70), निवासी सिसरिंगा; सुखीराम चकधारी (52), निवासी रैरुमाखुर्द सुकबासुपारा; भोजकुमार यादव (लगभग 33-37 वर्ष), निवासी चरखापारा; झनकराम कंवर (52), निवासी राजपुर वार्ड क्रमांक-08 लैलूंगा तथा तुलाराम साहू (51), निवासी चरखापारा चौकी रैरुमाखुर्द शामिल हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ चौकी रैरुमाखुर्द, थाना धरमजयगढ़ में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
ऑपरेशन अंकुश से जुआरियों में खलबली
रायगढ़ पुलिस द्वारा जुआ-सट्टा के खिलाफ चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन अंकुश’ अब जंगलों और सुनसान इलाकों तक भी पहुंचता दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ जंगल क्षेत्रों में जुआ खेलने, खिलाने और संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
यानी अब जुआरियों के लिए सवाल सिर्फ यह नहीं कि पत्ता कौन सा आएगा, बल्कि यह भी है कि अगली बार पुलिस कब पहुंच जाएगी!
कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका
एडिशनल एसपी अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई में चौकी प्रभारी रैरुमाखुर्द , प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रीतम बघेल, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, राम रतन भगत, भेनासियुस खेस्स, आरक्षक भेखलाल सिदार, आशीष तिग्गा, प्रमोद भगत, अमल तिग्गा एवं संत पटेल की अहम भूमिका रही।
फिलहाल जंगल में सजी जुए की महफिल उजड़ चुकी है और ‘ऑपरेशन अंकुश’ ने साफ कर दिया है—ताश के पत्तों के पीछे छिपकर खेल चलाने वालों पर पुलिस की नजर भी है और कार्रवाई का ‘पत्ता’ भी तैयार है।