निडानिया परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्म महोत्सव धूमधाम से मनाया गया राधा अष्टमी का व्रत एक हजार एकादशी व्रत के बराबर -पंडित अंकुश तिवारी महाराज



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
पत्थलगांव में मैरिज गार्डन प्रांगण में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन बाल कृष्णा जन्म का महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया मैरिज गार्डन प्रांगण में श्रोताओं की भारी भरकम भीड़ देखने को मिली। पंडित अंकुश तिवारी द्वारा प्रहलाद के चरित्र का विस्तार पूर्वक वर्णन बताया वहीं भक्त प्रहलाद ने नाम का जाप नहीं छोड़ा एवं प्रहलाद के कारण हिर्नाकश्यप का उद्धार हुआ।

अंकुश तिवारी द्वारा राधा अष्टमी के व्रत का महत्व के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि 1000 एकादशी व्रत को यदि 6 गुना कर जितना व्रत का लाभ हमें प्राप्त होता है उतना ही एक बार यदि राधा अष्टमी व्रत किया जाए तो उसका लाभ हमें प्राप्त हो जाता है वही अंकुश तिवारी महाराज ने इस दुनिया में जिसको सम्मान मिलता है उस व्यक्ति के पीछे भी लोग पड़े रहते हैं इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हाथी अपना सीधा चलता है लेकिन उसके पीछे भौंकने वाले कुत्ते लगे रहते हैं वैसे ही आज के समय में जिस व्यक्ति को सम्मान मिलता है उसके पीछे बेवजह लोग पड़े रहते हैं उन्हें उनका नाम हजम नहीं होता है सम्मान पाने वाले और भौंकने वाले हमेशा नजर आते हैं हमेशा आगे बढ़ने वाला व्यक्ति बढ़ता रहता है

। बाली चरित्र के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया गया बामण के रूप का भी वर्णन किया गया। बाली ने भगवान से वरदान मांगा था वरदान में उन्होंने अपने 52 दरवाजे के महल में द्वारपाल के लिए भगवान को वरदान में मांगा इसके बाद भगवान ने अपना वचन पूरा किया वही माता लक्ष्मी ने नारद जी के द्वारा बताए गए बातों को आगे बढ़ाते हुए बाली की बहन नहीं थी बाली से रक्षाबंधन पर वचन मांगते हुए द्वारपाल मांगा इसके बाद बाली ने अपना वचन पूरा करते हुए द्वारपाल अपनी बहन को सौंप दिया ।भक्त के घर भगवान भी नौकर बन जा सकते हैं ऐसा भागवत कथा में वर्णन किया गया है ।

चंद्रवंश में कृष्ण ने जन्म लिया कंस द्वारा सबसे छोटी बहन देवकी का विवाह वासुदेव से किया एवं देवकी को कारागार में बंद करते हुए कड़ी पहरेदारी की कंस द्वारा अपने हाथ में पुत्र के हत्या के लिए प्रयास किया लेकिन देवकी द्वारा दूसरे के गर्भ में गर्भधारण करवा दिया गया एवं कंस से रक्षा करते हुए बाल कृष्ण का जन्म हुआ। जहां निडानिया परिवार एवं भक्तों की उपस्थिति में जन्म उत्सव मनाया गया बधाइयां बांटी गई आज की कथा में सुनाया जाएगा निडानिया परिवार द्वारा श्रोताओं के लिए काफी सुंदर व्यवस्थाएं करते हुए प्रसाद का वितरण किया जा रहा है निडानिया परिवार के सभी सदस्य दिन-रात मेहनत करते हुए पूरी व्यवस्था को सुचारू बनाने में लगे हुए हैं। श्रोता निडानिया परिवार के व्यवस्था की तारीफ करने से नहीं चुक रहे हैं।

भागवत कथा में जशपुर पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह सपरिवार पहुंचे। किलकिलेश्वर धाम के कपिल मुनि व पत्थलगांव के प्रख्यात पंडित भक्ता महाराज भी कथा सुनने पहुंचे।निडानिया परिवार के रामस्वरूप अग्रवाल ,शिव शंकर अग्रवाल,सिब्बू, डॉक्टर विकास अग्रवाल, अनिल अग्रवाल सहित पूरा परिवार सेवा में जुटा हुआ है।