


मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पत्थलगांव पुलिस ने अब लोगों को ठगों के नए-नए हथकंडों से बचाने के लिए साइबर जन जागरूकता अभियान शुरू किया है। नव पदस्थ थाना प्रभारी जितेन्द्र ताम्रकार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्रामीणों और महिलाओं के बीच पहुंचकर साइबर अपराध से बचाव के जरूरी उपाय बताए।
पुलिस ने लोगों को समझाया कि आज के दौर में साइबर ठग फोन कॉल, फर्जी लिंक, मैसेज, केवाईसी अपडेट, इनाम-लॉटरी, बैंक अधिकारी और अन्य बहानों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
️ एक गलती और बैंक खाता हो सकता है खाली!
थाना प्रभारी जितेन्द्र ताम्रकार ने लोगों को स्पष्ट रूप से समझाया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध फोन कॉल या मैसेज का जवाब देने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें।
पुलिस ने विशेष रूप से कहा कि बैंक या किसी संस्था के नाम पर फोन करने वाला व्यक्ति कितना भी भरोसेमंद लगे, OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
ठगी हो गई तो चुप न बैठें, तुरंत 1930 डायल करें
पुलिस टीम ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो वह घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर कॉल करे और नजदीकी पुलिस थाना में भी संपर्क करे।
पुलिस के मुताबिक साइबर ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, उतनी ही जल्दी कार्रवाई की संभावना बढ़ेगी।
नए थाना प्रभारी का सीधा संदेश—जागरूक रहें, सुरक्षित रहें
थाना प्रभारी जितेन्द्र ताम्रकार ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार, बुजुर्गों और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करें।
अभियान के दौरान थाना पत्थलगांव के पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं।
पत्थलगांव पुलिस से सीधे संपर्क
पुलिस मोबाइल नंबर: 9479193616
साइबर हेल्पलाइन: 1930
पत्थलगांव पुलिस ने साफ संदेश दिया—
“साइबर ठगों से बचना है तो डरना नहीं, जागरूक रहना है।”