पत्थलगांव पुलिस थाने में नवीन कानून का क्रियान्वयन समारोह मनाया गयातीन परिवर्तित नए कानून के बारे में डीपीओसौरभ सौम्य जैन द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी

पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
आज पत्थलगांव पुलिस थाने में नवीन परिवर्तित तीन नए कानूनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई । कानून भारतीय दंड संहिता जो 1860 से देश में लागू की गई थी उसकी जगह तीन नए कानून पूरे देश में 1 जुलाई से लागू किए गए हैं।भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम आज से देशभर में लागू हो गई है। वर्षों पुराने अंग्रेजी कानूनों की जगह लेंगे नए कानून जिनमें दंड के स्थान पर न्याय को प्राथमिकता दी गई है।

इस मौके पर पत्थलगांव थाना प्रभारी विनीत पांडे ,डीपीओ जैन ,हरजीत भाटिया, मंडल अध्यक्ष अनिल मित्तल ,हरगोविंद अग्रवाल, अंकित बंसल ,मुकेश अग्रवाल, अवधेश गुप्ता, मोहन यादव वकील, कमलेश यादव , मनोज तिवारी , दिनेश अग्रवाल, सुरेश साहू सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे

। डीपीओ जैन द्वारा आज से लागू किए गए देश भर में नए कानून के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हम जब इस देश में जन्म लेते हैं तो तुरंत ही कानून के दायरे में बन जाते हैं कोई भी बच्चा जन्म लेता है तो जन्म के साथ ही कानून के दायरे में आ जाता है उन्होंने परिवर्तित तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता ,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ,भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में बताया उन्होंने बताया कि अंग्रेज जमाने में जो भारतीय दंड संहिता में 511 धाराएं लागू की गई थी उसकी जगह ने न्याय संहिता में 358 धाराएं बच गई हैं 1860 से हम कानून का पालन कर रहे थे लेकिन आज से हम ने कानून का नए तरीके से पालन करेंगे भारतीय न्याय संहिता में नागरिकों के लिए सुलभ आसन एवं जल्द निर्णय के लिए कई प्रकार के कानून का प्रावधान किया गया है उदाहरण के तौर पर पहले हमें केस में बहस के बाद काफी दिनों तक केस का फैसले के लिए इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब नए कानून में फैसला देने वाले न्यायाधीश को 45 दिनों के अंदर फैसला देना पड़ेगा 45 दिनों से ज्यादा बहस के बाद फैसला रोक नहीं सकते वही नए कानून में कई प्रकार के प्रावधान किए गए हैं कोई एक्सीडेंटल व्यक्ति के द्वारा तीन दिवस के भीतर अपने मोबाइल फोन के जरिए संबंधित थाने के भारसाधक अधिकारी को मैसेज के द्वारा सूचना दी जा सकती है साथ ही तीन दिवस के भीतर सूचना देने वाले व्यक्ति को स्वयं उपस्थित होकर हस्ताक्षर करने पड़ेंगे जो एफआईआर माना जावेगी पहले के कानून में यह सभी प्रावधान नहीं थे जो आज के कानून में प्रावधान किए गए हैं।

सरकार का मानना है कि नए कानून लागू होने से न्याय जल्दी मिलेगा और तय समय के अंदर चार्जशीट फाइल हो सकेगी। साक्ष्य जुटाने के लिए 900 फॉरेंसिक वैन देशभर के 850 पुलिस थानों के साथ जोड़ी जा रही हैं। गरीबों के लिए न्याय महंगा नहीं होगा। गृह मंत्रालय के मुताबिक नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 में नौ नए सेक्शन और 39 नए सब सेक्शन जोड़े गए हैं। इसके अलावा 44 नई व्याख्याएं और स्पष्टीकरण जोड़े हैं और 14 धाराओं को निरस्त किया है।राजद्रोह कानून के अंग्रेजी प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। सरकार के खिलाफ कोई भी बोल सकता है, लेकिन देश के खिलाफ अब नहीं बोल सकते हैं। देश के खिलाफ बोलने या साजिश करने पर सजा का प्रावधान किया गया है।




