नोटिस के बाद मचा हड़कंप या फिर वही पुरानी लीपापोती? पत्थलगांव अस्पताल कांड पर ज्वाइंट डायरेक्टर सख्त, लेकिन सवाल—क्या कार्रवाई भी होगी पक्की?
नोटिस-नोटिस का खेल या सख्त कार्रवाई?

मुकेश अग्रवाल
स्वास्थ्य विभाग के जॉइंट डायरेक्टर अनिल शुक्ला के द्वारा अति महत्वपूर्ण मानते हुए जांच के आदेश के बाद जिले से लेकर पत्थलगांव स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज है। शासकीय शिक्षक की सिविल अस्पताल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर हार्ट अटैक से मौत के बाद अस्पताल के दहलीज पर डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं को लेकर साथ ही ड्यूटी डॉक्टर को खोजने के लिए भटकते परिजनों के मामले पर ज्वाइंट डायरेक्टर सरगुजा अनिल शुक्ला के द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद जशपुर स्वास्थ्य विभाग के सीएचएमओ जात्रा को तीन दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन देने के निर्देश के बाद मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है जहां जशपुर जिले के कुंभकर्णी निद्रा व लीपा पोती के लिए मशहूर विभाग अब मामले को लेकर क्या फिर से ज्वाइन डायरेक्टर के आदेशों को ठंडा बस्ते में डाल दिया जावेगा या हमेशा की भांति नोटिस नोटिस का खेल खेल कर मामले पर लीपा पोती कर दी जाएगी । क्योंकि हमेशा ही मामलों पर जशपुर स्वास्थ्य विभाग एवं पत्थलगांव स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मामले पर परदे के ऊपर परदे डालते रहे हैं अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इतने गंभीर लापरवाही संवेदनशील मामले पर क्या कार्यवाही करते हैं या यूं ही जांच के नाम पर लीपा पोती करते नजर आते हैं???
आम जन मानस को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ कब मिल सकेगा




