पंडित राजन महाराज ने पत्थलगांव में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा की श्री राम कथा सुनिए उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें तभी कथा सुनने की सार्थकता है

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव
मंगलवार को पत्थलगांव में विश्व विख्यात कथा वाचक राजन जी महराज पत्रकारों से मिले हाल चाल जाना पत्रकारों के सवाल की क्या पंडाल में ही जाकर कथा सुनने से ही ज्यादा फल दायक होगा उसपर राजन जी महराज ने कहा कि अगर जहां कथा हो रहा है और वहां आप है तो अवश्य ही पंडाल में कथा सुनने आना चाहिए अगर नही है तो मोबाइल में यूट्यूब में भी सुन सकते है।

राजन जी महाराज ने कहा जिसके द्वारा भी कथा करवाया जाता है जैसे पत्थलगांव में सुरेश अग्रवाल भाई ने करवाया है। ये भगवान के निमित्त मात्र है इनके मन मे आया कि पत्थलगांव में कथा हो भगवान ने चाहा तो हम यहां कथा कहने आये नही तो हम खुद कभी पत्थलगांव का नाम नही जानते थे
समस्त विश्व राम के रास्ते चले” एक वाक्यांश है जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व भगवान राम के दिखाए रास्ते पर चले। राजन जी महाराज एक प्रसिद्ध रामकथा वाचक हैं. राजन जी महाराज, रामकथा के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों और मूल्यों को प्रचारित करते हैं। यह वाक्यांश अक्सर रामकथा वाचकों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, ताकि लोगों को भगवान राम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जा सके। राजन जी महाराज का लक्ष्य लोगों को राम के आदर्शों से परिचित कराना और उन्हें अपने जीवन में लागू करने के लिए प्रोत्साहित करना है. राजन जी महाराज के रामकथा के माध्यम से, वे भगवान राम के जीवन, चरित्र और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हैं। वे राम के मूल्यों जैसे सत्य, न्याय, प्रेम, दया और कर्तव्य पर जोर देते हैं. राजन जी महाराज की रामकथा सुनने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए अक्सर “समस्त विश्व राम के रास्ते चले” वाक्यांश का उपयोग किया जाता है. यह वाक्यांश बताता है कि राम के आदर्शों पर चलने से सभी को लाभ होगा और दुनिया में शांति और सद्भाव स्थापित होगा।
राजन महाराज ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए चार फेरे विवाह के समय किए जाते हैं तो उन्होंने कहा कि वेदों में चार फेरों का ही नियम सत्य है व्यक्ति चाहे सात क्या 14 फेरे ले ले उसमें कोई सार्थकता नहीं है।
राजन जी महराज अंत्यंत सहज और सरल है सभी से एकदम सहजता से मिले उनका हाल चाल जाना जिससे सभी पत्रकार और मिलने आये भक्त बेहद खुश हुए।
आज पत्रकार वार्ता में विजय त्रिपाठी संपादक जशपुरांचल, मुकेश अग्रवाल संपादक जशपुर एक्सप्रेस,मनोज अग्रवाल, जितेन्द्र गुप्ता हरिभूमि, प्रदीप ठाकुर, अभिषेक सिंह, श्याम चौहान, अतुल त्रिपाठी,सौरभ त्रिपाठी,बाबर खान, संजय तिवारी, सहित सभी पत्रकार मौजूद रहे।




