


मुकेश अग्रवाल
जशपुर/कुनकुरी। कुनकुरी में मोबाइल दुकान का शटर काटकर 132 मोबाइल हैंडसेट चोरी करने वाले गिरोह का जशपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से कमीशन के रूप में बची 1 लाख 80 हजार रुपये की राशि बरामद की गई है। चोरी में इस्तेमाल किए गए आरोपियों के मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए मोबाइल हैंडसेट को बांग्लादेश में बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई है। मोबाइल की बरामदगी के लिए विधि अनुसार आवश्यक कार्रवाई जारी है। मामले में चार अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है।
रात में बंद हुई दुकान, सुबह खुला मिला शटर
प्रार्थी पंकज कुमार पारिक, पिता नंदकिशोर पारिक, उम्र 44 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 09, तपकरा रोड कुनकुरी ने 12 अगस्त 2026 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त की रात करीब 9 बजे वह अपनी मोबाइल दुकान बंद कर घर चले गए थे।
अगली सुबह करीब 7:45 बजे सूर्योदय बैंक के कर्मचारी रितेश ने फोन कर बताया कि दुकान का शटर खुला हुआ है। सूचना मिलते ही प्रार्थी दुकान पहुंचा तो शटर के दोनों ताले कटे हुए थे। आसपास ताला काटने और तोड़फोड़ में इस्तेमाल सामान भी पड़ा था।
दुकान के भीतर मोबाइल के डिब्बे बिखरे हुए थे और बिक्री के लिए रखे गए कुल 132 मोबाइल हैंडसेट गायब थे। अज्ञात चोरों ने शटर का ताला काटकर दुकान में प्रवेश किया और मोबाइल लेकर फरार हो गए। रिपोर्ट पर थाना कुनकुरी में अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत धारा 331(4), 305(ए), 111(6), 313, 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला रास्ता
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रार्थी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। जप्ती कार्रवाई, टावर डंप लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
जांच में पुलिस को पता चला कि घटनास्थल के पास स्थित अन्नपूर्णा होटल में दो संदिग्ध आरोपी खाना खाने पहुंचे थे। वहां उन्होंने होटल संचालक को मोबाइल नंबर भी दिया था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
झारखंड से पश्चिम बंगाल तक पुलिस की दबिश
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम झारखंड के साहेबगंज जिले के थाना राजमहल क्षेत्र स्थित ग्राम मुर्गीटोली मध्य नारायणपुर पहुंची। वहां से आरोपी तौसिफ राजा को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी कबीर शेख के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल हैंडसेट सेंटू शेख को बिक्री के लिए दिए गए थे।
आरोपी के मेमोरेण्डम कथन के अनुसार, चोरी किए गए मोबाइलों में से 50 हैंडसेट सत्यजीत मंडल, 50 अब्दुल बारी उर्फ रूबेल और 34 मोबाइल इकबाल हुसैन उर्फ राणा को बेचे गए थे। मोबाइल बिक्री से प्राप्त करीब 17 लाख रुपये को तीनों के बीच बांट लिया गया था।
पांच आरोपी गिरफ्तार, चार अब भी फरार
पुलिस ने अब तक निम्न पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है—

तौसिफ राजा पिता मौलाना ताजुउद्दीन, उम्र 35 वर्ष, निवासी मुर्गीटोली मध्य नारायणपुर, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज, झारखंड।
सेंटू शेख पिता बोगदार शेख, उम्र 27 वर्ष, निवासी बेगमगंज शेखुटोली, थाना राधानगर (उधवा), जिला साहेबगंज, झारखंड।
इकबाल हुसैन उर्फ राणा पिता इरफान अली, उम्र 27 वर्ष, निवासी पोस्ट ऑफिस पारा देवनापुर, चौकी कुम्भीरा, थाना बैसनब नगर, जिला माल्दा, पश्चिम बंगाल।
अब्दुल बारी उर्फ रूबेल खुराना पिता एनुल हक, उम्र 28 वर्ष, निवासी परदेवनापुर हिजलतला, चौकी कुम्भीरा, थाना बैसनब नगर, जिला माल्दा, पश्चिम बंगाल।
अब्दुल अजीज पिता अकबर अली, उम्र 32 वर्ष, निवासी चकदेवनापुर, चौकी कुम्भीरा, थाना बैसनब नगर, जिला माल्दा, पश्चिम बंगाल।
प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी 25 अगस्त, 14 सितंबर, 27 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग तिथियों में की गई।
कमीशन की रकम में से 1.80 लाख रुपये बरामद
पुलिस ने आरोपी सेंटू शेख से कमीशन के रूप में प्राप्त बची हुई 1 लाख 80 हजार रुपये की राशि बरामद कर जब्त की है। इसके अलावा सभी आरोपियों के व्यक्तिगत मोबाइल फोन भी साक्ष्य के रूप में जब्त किए गए हैं।
बांग्लादेश कनेक्शन की जांच तेज
अब तक की विवेचना और गिरफ्तार आरोपियों के बयानों से चोरी किए गए मोबाइल हैंडसेट को बांग्लादेश में बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस चोरी के मोबाइलों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए विधि अनुसार कार्रवाई कर रही है।
मामले में चार अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है, लेकिन वे अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आरोपियों की तलाश जारी है।
अलग-अलग राज्यों तक फैला नेटवर्क
कुनकुरी की एक मोबाइल दुकान से शुरू हुई यह चोरी अब झारखंड, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक फैले नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, रकम का लेन-देन कैसे हुआ और मोबाइलों को सीमा पार भेजने की पूरी व्यवस्था किसने संभाली।
पुलिस टीम का विशेष योगदान
प्रकरण के अन्वेषण और आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक राकेश यादव, थाना प्रभारी बागबहार, उप निरीक्षक नसरुद्दीन अंसारी, सायबर सेल जशपुर, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर प्रसाद वारले, थाना कुनकुरी, प्रधान आरक्षक अनंत मिरास किस्पोट्टा, सायबर सेल जशपुर, आरक्षक क्रमांक 59 नंदलाल यादव, आरक्षक क्रमांक 586 भूपेन्द्र यादव और आरक्षक क्रमांक 680 चन्द्रशेखर बंजारे का विशेष योगदान रहा।
अब बड़ा सवाल: कुनकुरी से चोरी किए गए 132 मोबाइलों का बांग्लादेश कनेक्शन आखिर कितना बड़ा है? पुलिस की आगे की जांच में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों और अन्य मददगारों के नाम सामने आने की उम्मीद है।