मिर्ची ऊपर, गांजा नीचे! लावाकेरा में पकड़ा गया करोड़ों का नशे का जखीरा

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव तपकरा। मिर्ची की बोरियों की आड़ में करोड़ों रुपये के गांजे की तस्करी! ऊपर मिर्ची की बोरियां और नीचे नशे का बड़ा जखीरा। तस्करों को उम्मीद थी कि सब्जी-मसाले के सामान की आड़ में उनका मिनी ट्रक पुलिस की नजरों से बचकर उत्तर प्रदेश पहुंच जाएगा, लेकिन जशपुर पुलिस के लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर उनकी यह चालाकी काम नहीं आई। पुलिस की सतर्कता ने तस्करी के इस बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया। ट्रक से 440.63 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 20 लाख 31 हजार 500 रुपये बताई गई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तस्करी में इस्तेमाल मिनी ट्रक भी जब्त कर लिया। गांजा और वाहन समेत कुल 2 करोड़ 40 लाख 31 हजार 500 रुपये की जब्ती की गई है।

यह बड़ी कार्रवाई जशपुर पुलिस के ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत 2 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 9 बजे की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में एंटी नारकोटिक्स टीम और तपकरा पुलिस की संयुक्त टीम ने उड़ीसा सीमा से लगे लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर कार्रवाई को अंजाम दिया।

मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, जांच में खुला गांजे का राज

पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि उड़ीसा की ओर से एक वाहन में गांजा लेकर तस्कर जशपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने लावाकेरा बैरियर पर संदिग्ध वाहनों की जांच तेज कर दी।

इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रहे टाटा आईसर मिनी ट्रक क्रमांक UP-71-T-6592 को रोककर जांच की गई। वाहन में सवार दो व्यक्तियों ने अपना नाम मो. वसीम (28 वर्ष) और मो. आसिफ (34 वर्ष) बताया। दोनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के ग्राम मुंडेरा, थाना ढूंमनगंज के निवासी हैं।

पूछताछ में दोनों ने ट्रक में मिर्ची की बोरियां लोड होने और उन्हें उड़ीसा से उत्तर प्रदेश ले जाने की बात कही। लेकिन पुलिस को संदेह हुआ तो सामान की बारीकी से जांच की गई। ट्रक के ऊपरी हिस्से में मिर्ची की बोरियां रखी थीं, जबकि नीचे छिपाकर रखे गए पैकेटों ने तस्करी की पूरी कहानी खोल दी।

14 बोरियों में 440 पैकेट, वजन 440.63 किलो

पुलिस ने मिर्ची की बोरियां हटाकर नीचे रखे पैकेटों की जांच की, तो उनमें गांजा मिला। मौके पर गवाहों की मौजूदगी में की गई कार्रवाई के दौरान कुल 14 बोरियों से टेप में लिपटे 440 पैकेट बरामद किए गए। इनका कुल वजन 440.63 किलोग्राम पाया गया।

आरोपी गांजे के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने गांजा और तस्करी में प्रयुक्त मिनी ट्रक को विधिवत जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

उड़ीसा से प्रयागराज तक फैले नेटवर्क की तलाश

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने गांजा उड़ीसा के बोध क्षेत्र से लेकर प्रयागराज, उत्तर प्रदेश जाने की बात बताई है। हालांकि, गांजा किससे खरीदा गया था और उत्तर प्रदेश में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था, इसका खुलासा अभी होना बाकी है।

पुलिस अब तस्करी के पूरे नेटवर्क की ‘एंड-टू-एंड’ जांच कर रही है। गांजे के स्रोत, खरीदार, संभावित सप्लाई चेन और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है। मामले में थाना तपकरा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना जारी है।

जनवरी से अब तक 1,906 किलो गांजा जब्त

जशपुर पुलिस के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक गांजा तस्करी के 16 मामलों में करीब 8 करोड़ रुपये मूल्य का 1,906 किलोग्राम गांजा बरामद किया जा चुका है। इन मामलों में 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल 17 कार और एक पिकअप वाहन भी जब्त किए गए हैं।

ये आंकड़े बताते हैं कि जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब पुलिस की जांच का अहम पहलू यह है कि मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले और उन्हें आगे खपाने वाले लोगों तक कैसे पहुंचा जाए।

एसएसपी का सख्त संदेश—नशे के कारोबारियों पर जारी रहेगा शिकंजा

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि ऑपरेशन आघात के तहत यह एक बड़ी कार्रवाई है। लावाकेरा बैरियर पर पुलिस टीम की सतर्कता और बेहतर समन्वय से मिर्ची की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा 440.63 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। गांजा कहां से खरीदा गया, इसके पीछे कौन लोग हैं और उत्तर प्रदेश में किसे पहुंचाया जाना था, इन सभी बिंदुओं पर गहन विवेचना जारी है। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

इनकी रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी तपकरा निरीक्षक त्रिलोक प्रधान, निरीक्षक संदीप कौशिक, सहायक उप निरीक्षक संतोष चौरसिया, आरक्षक शिवकुमार, विनोद तिर्की सहित एंटी नारकोटिक्स टीम और थाना तपकरा पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अब बड़ा सवाल: मिर्ची की बोरियों के नीचे छिपाकर करोड़ों का गांजा ले जाने वाले इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग हैं? पुलिस की जांच में आने वाले दिनों में तस्करी के इस पूरे नेटवर्क से जुड़े नए नाम सामने आने की संभावना है।

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