

मुकेश अग्रवाल
जशपुर/पत्थलगांव। पत्थलगांव संभाग के लुड़ेग वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम पाकरगांव में 29 सितंबर को हुई विद्युत दुर्घटना को लेकर जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर रोहित व्यास ने मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पत्थलगांव की अध्यक्षता में जांच दल गठित किया है।
जांच दल में संभागीय अभियंता, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी कुनकुरी, कार्यपालन अभियंता विद्युत वितरण कंपनी जशपुर तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जशपुर को सदस्य बनाया गया है।
परमिट से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक होगी जांच
जांच दल दुर्घटना के वास्तविक कारणों के साथ-साथ 33/11 के.व्ही. विद्युत लाइन शिफ्टिंग कार्य के लिए जारी परमिट और संबंधित अभिलेखों की भी जांच करेगा। कार्यस्थल पर विद्युत सुरक्षा से जुड़ी निर्धारित प्रक्रियाओं और सावधानियों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
इसके अलावा संबंधित विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और ठेकेदार की भूमिका एवं उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। यदि जांच में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाएगी।
मृत और घायल श्रमिकों के परिवारों को मिली सहायता भी जांच के दायरे में
प्रशासन ने मृत एवं घायल श्रमिकों से संबंधित विवरण, उनके परिवारों को उपलब्ध कराई गई सहायता तथा मुआवजे की स्थिति को भी जांच के दायरे में रखा है। जांच दल भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी देगा।
कलेक्टर ने जांच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवश्यकता अनुसार संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं और सभी जरूरी अभिलेखों का परीक्षण किया जाए। तथ्यात्मक एवं स्पष्ट जांच प्रतिवेदन 3 दिवस के भीतर प्रस्तुत करना होगा।
अब जांच रिपोर्ट से सामने आएगा कि पाकरगांव हादसे की वजह क्या थी और कहीं सुरक्षा मानकों या निर्धारित प्रक्रिया में चूक तो नहीं हुई।