


मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। थाना क्षेत्र के ग्राम पाकरगांव में पोल शिफ्टिंग के दौरान करंट की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत के बाद भड़का आक्रोश देर रात तक जारी रहा। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार करते हुए सुबह से सिविल अस्पताल के समीप धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हादसे के लिए जिम्मेदार और बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
धरने में मृतकों के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए। बाद में कांग्रेस नेताओं ने भी प्रदर्शन को समर्थन देते हुए पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हादसे में दो परिवारों ने अपने सदस्य खोए हैं, ऐसे में उन्हें उचित आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।

सड़क जाम से थम गई आवाजाही
सुबह से शुरू हुआ विरोध शाम तक जारी रहा। इसके बाद शाम करीब 4 बजे सड़क जाम कर दिया गया।
स्थिति को देखते हुए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे तथा लगातार प्रदर्शनकारियों और मृतकों के परिजनों से बातचीत करते रहे।
पट
आधी रात तक चली बातचीत, फिर निकला समाधान
लंबी बातचीत के बाद प्रशासन और पीड़ित पक्ष के बीच देर रात सहमति बनी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों मृतकों के परिवारों को 15-15 लाख रुपये मुआवजा देने, बिजली विभाग के संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई/निलंबन की प्रक्रिया तथा दोनों परिवारों के परिजनों को नौकरी के संबंध में सहमति बनी।
समझौते के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन की जिम्मेदारी में शव को रखा गया और सुबह परिजनों के हवाले किए जाने की बात सामने आई।