“जशपुर पुलिस का वारंटियों पर शिकंजा! 5 दिन में 13 स्थायी वारंट तामील, पत्थलगांव में सबसे बड़ा वारंट अभियान—6 फरार आरोपी गिरफ्तारथानेदार जितेंद्र ताम्रकार के नेतृत्व में पत्थलगांव पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 08 स्थायी वारंट तामील; एक वारंटी के खिलाफ दो मामलों के वारंट, एक की हो चुकी थी मौत”

 

 

पत्थलगांव। न्यायालय के वारंट को नजरअंदाज कर लंबे समय से फरारी काट रहे वारंटियों के खिलाफ जशपुर पुलिस ने अब शिकंजा कस दिया है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान में 23 सितंबर 2026 से अब तक जिले में 13 स्थायी वारंटों की तामिली की गई है।

इस अभियान में पत्थलगांव पुलिस सबसे आगे रही, जहां पुलिस ने अकेले 08 स्थायी वारंटों की तामिली करते हुए 06 लंबे समय से फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं एक वारंटी के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में स्थायी वारंट लंबित पाए गए। एक अन्य वारंटी की मृत्यु हो चुकी होने की पुष्टि हुई।

पत्थलगांव पुलिस ने चलाया विशेष वारंट अभियान

थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार के नेतृत्व में पत्थलगांव पुलिस ने लंबे समय से फरार वारंटियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर लगातार पतासाजी की और एक के बाद एक वारंटियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस कार्रवाई में शैलेश कुमार भगत, जुगेश्वर यादव, राजू कुजूर, मोहन उर्फ गुन्नू यादव, मयंक रोहिला और निरंजन एक्का को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

खास बात यह रही कि राजू कुजूर के खिलाफ दो अलग-अलग प्रकरणों में स्थायी वारंट लंबित थे। दोनों मामलों में पुलिस ने वारंट की तामिली की।

वहीं रामू मिंज के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत जारी स्थायी वारंट के संबंध में पुलिस को उसकी मृत्यु हो चुकी होने की जानकारी मिली। पुलिस ने इसकी पुष्टि कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की।

कोतबा पुलिस भी पीछे नहीं

इसी अभियान के तहत चौकी कोतबा पुलिस ने भी दो स्थायी वारंटियों—वेदलाल सिदार और विजय चौहान—को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

इसके अलावा पूर्व में थाना लोदाम, सिटी कोतवाली जशपुर और थाना फरसाबहार की पुलिस द्वारा भी एक-एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है।

अब वारंटियों की खैर नहीं!

जशपुर पुलिस का यह अभियान उन आरोपियों के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है, जो न्यायालय से जारी वारंट के बावजूद लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। पुलिस अब ऐसे वारंटियों के संभावित ठिकानों और गतिविधियों की जानकारी जुटाकर लगातार कार्रवाई कर रही है।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि न्यायालय से जारी स्थायी एवं अन्य लंबित वारंटों की तामिली को प्राथमिकता दी जा रही है। वारंटियों की लगातार पतासाजी की जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल के पर्यवेक्षण में की गई।

पत्थलगांव पुलिस की कार्रवाई ने साफ कर दिया है—न्यायालय के वारंट से बचकर लंबे समय तक फरारी काटना अब आसान नहीं होगा।

 

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