राशन गरीबों का था, हिसाब में ‘खेल’! दो पीडीएस दुकानों में 31.75 लाख के चावल-नमक-शक्कर की कमी, दो गिरफ्तार

ई-पॉस मशीन में हितग्राहियों से फिंगर लगवाया, राशन देने के बजाय गायब कर दिया खाद्यान्न! ससकोबा में ₹12.89 लाख और गनपतपुर में ₹18.86 लाख का हिसाब गड़बड़

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव/धरमजयगढ़। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हिस्से का राशन अगर दुकान तक पहुंचकर भी हितग्राहियों की थाली तक न पहुंचे, तो सवाल उठना लाजिमी है। धरमजयगढ़ विकासखंड के ससकोबा और गनपतपुर की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्य विभाग की जांच के बाद सामने आई खाद्यान्न की भारी कमी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर रैरूमाखुर्द चौकी पुलिस ने दोनों मामलों में ई.सी. एक्ट की धारा 3 और 7 के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों दुकानों में मिलाकर करीब ₹31.75 लाख के चावल, शक्कर और नमक की कमी सामने आई है।

 

फिंगर लगवाया… लेकिन राशन नहीं दिया?

 

ससकोबा की शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं। खाद्य विभाग के अनुसार अगस्त 2026 में कुछ हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन में फिंगर लगवाने के बाद भी राशन वितरित नहीं किया गया।

 

यानी मशीन में वितरण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद हितग्राहियों को राशन नहीं मिलने की बात जांच में सामने आई है। अब पुलिस इसी पूरे मामले की विवेचना कर रही है।

 

ससकोबा में 499 क्विंटल से ज्यादा चावल ‘कम’

 

03 सितंबर 2026 को ससकोबा की शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009078 की जांच के दौरान भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर और 8.03 क्विंटल नमक की कमी पाई गई।

 

खाद्य विभाग के अनुसार इसकी कुल कीमत करीब ₹12.89 लाख है।

 

मामले में सरोज स्व सहायता समूह की अध्यक्ष उमाबाई राठिया और सचिव माधुरी बाई राठिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं दुकान का विक्रेता बिहारी राठिया फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

 

गनपतपुर में तो और बड़ा ‘राशन हिसाब’!

 

गनपतपुर की शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 412009080 की जांच में भी खाद्यान्न की भारी कमी सामने आई। भौतिक सत्यापन में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक कम पाया गया।

 

खाद्य विभाग के अनुसार कम पाए गए खाद्यान्न की कुल कीमत करीब ₹18.86 लाख है।

 

इस दुकान का संचालन जननी महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जाना बताया गया है। जांच में अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान और विक्रेता शहनवाज खान के नाम सामने आए हैं। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अभी शेष है।

 

दो दुकानों में 31 लाख से ज्यादा का खाद्यान्न गायब, अब पुलिस की नजर आरोपियों पर

 

दोनों मामलों में कुल मिलाकर करीब ₹31.75 लाख मूल्य के खाद्यान्न की कमी सामने आई है। पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में क्रमशः अपराध क्रमांक 288/2026 और 289/2026 दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

 

ससकोबा मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि विक्रेता बिहारी राठिया की तलाश जारी है। गनपतपुर मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी भी बाकी है।

 

गरीब की थाली के राशन पर ‘खेल’ बर्दाश्त नहीं—एसएसपी

 

मामले को लेकर रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले राशन में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या गबन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की कड़ी नजर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

अब देखना यह होगा कि जांच आगे बढ़ने के साथ ससकोबा और गनपतपुर के राशन का पूरा हिसाब कहां तक पहुंचता है और फरार आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कब कसता है।

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