पल्सर-जावा पर निकलते थे शिकार की तलाश में, अब पुलिस की गिरफ्त में पूरा गैंग
राहगीरों को घेरकर लूटता था 7 का गैंग! पुलिस ने बिछाया जाल, पूरा गिरोह धराया



मुकेश अग्रवाल
शहर के किरोड़ीमलनगर इलाके में राहगीरों को घेरकर मारपीट और लूटपाट करने वाले गिरोह का कोतरारोड़ पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने दो अलग-अलग लूट की वारदातों का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, ₹1000 नकद और वारदात में प्रयुक्त जावा व पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।
मामले में खास बात यह सामने आई कि वारदातों में पांच से अधिक आरोपी शामिल थे, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण में लूट की धाराओं में संशोधन करते हुए धारा 310(2) बीएनएस के तहत डकैती का अपराध जोड़ा है।
रास्ता रोककर मांगे पैसे, इनकार किया तो बरसाने लगे लात-घूंसे
पहली वारदात 8 सितंबर की बताई गई है। गेल्वे कंपनी के सेल्समैन गोविंद सिंह धुर्वे और उसके साथी नरेश सिंह को किरोड़ीमलनगर रेलवे लाइन के पास आरोपियों ने घेर लिया। आरोप है कि विमल उरांव अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर पहुंचा और दोनों से पैसे की मांग की।
पैसे नहीं होने की बात कहने पर आरोपियों ने कथित रूप से दोनों के साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिए। इसके बाद उन्हें श्मशान के पास ले जाकर भी पीटा गया। इतना ही नहीं, नरेश के मोबाइल से एक दुकान पर ₹4000 ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। बाद में मोबाइल वापस कर दिया गया, जबकि गोविंद का मोबाइल आरोपियों के पास रह गया।
दूसरे सेल्समैन को भी बनाया निशाना
इसी रात एक अन्य सेल्समैन आर्यन बंजारे भी कथित तौर पर इसी गिरोह के निशाने पर आ गया। रेलवे स्टेशन की ओर जाते समय स्टेशन चौक के पास लाल रंग की पल्सर सहित बाइक पर पहुंचे युवकों ने उसके साथ मारपीट कर रेडमी 9 प्रो मोबाइल और पर्स लूट लिया। पर्स में आधार कार्ड और पैन कार्ड भी रखे थे।
लगातार सामने आई दोनों वारदातों ने पुलिस को सक्रिय कर दिया।
पूछताछ खुलासा: एक नहीं, कई वारदातों में गिरोह की भूमिका
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक **** के मार्गदर्शन में कोतरारोड़ पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़ शुरू की। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पुलिस को गिरोह के क्षेत्र में सक्रिय होने की जानकारी मिली।
संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पुलिस के अनुसार दोनों वारदातों में उनकी संलिप्तता सामने आई। पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए ₹4000 में से बची ₹1000 की रकम के आपस में बंटवारे की बात भी बताई।
आरोपियों के मेमोरेण्डम के आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें भी अभिरक्षा में लिया।
लूट से डकैती तक पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार जब वारदात में शामिल आरोपियों की संख्या पांच से अधिक सामने आई तो मामले में बड़ा कानूनी बदलाव किया गया। पहले दर्ज धारा 309(6), 3(5) बीएनएस को हटाकर धारा 310(2) बीएनएस के तहत डकैती का अपराध जोड़ा गया।
यानी राहगीरों से कथित लूटपाट का यह मामला अब गिरोह द्वारा की गई डकैती के रूप में आगे बढ़ाया गया है।
ये आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
विमल उरांव, उम्र 22 वर्ष
रितेश कुमार महंत उर्फ गोल्डी, उम्र 21 वर्ष
दुर्गेश चौहान, उम्र 19 वर्ष
बिट्टू उर्फ विवेक पटैल, उम्र 22 वर्ष
महावीर पटैल, उम्र 19 वर्ष
ऋषि चौहान, उम्र 19 वर्ष
एक विधि से संघर्षरत बालक
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल, ₹1000 नकद, जावा मोटरसाइकिल और पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है। सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर भेजा गया है।
एसएसपी के निर्देशन में पुलिस टीम ने खोला राज
पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और डीएसपी उन्नति ठाकुर के सुपरविजन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी शील आदित्य सिंह, एएसआई मनमोहन बैरागी सहित आरक्षक मनोज यादव, बंशी रात्रे, राजेश खाण्डे, चुड़ामणी गुप्ता और चन्द्रेश पाण्डेय की अहम भूमिका रही।