कुम्हरता दोहरे हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला: पति-पत्नी की हत्या के दोनों दोषियों को उम्रकैद, पुलिस की पुख्ता विवेचना ने पहुंचाया सलाखों के पीछे



मुकेश अग्रवाल
सरगुजा। दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। 14 अगस्त 2026 को माननीय द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर ने मामले के दोनों आरोपियों करीमन मझवार और जय श्याम को हत्या के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के बाद सनसनीखेज हत्याकांड के आरोपियों को कानून के शिकंजे में पहुंचाने वाली पुलिस विवेचना और अभियोजन की मजबूत पैरवी की जमकर सराहना हो रही है।
रात के अंधेरे में पति-पत्नी की हत्या, सुबह घर में मिले शव
मामला थाना दरिमा के अपराध क्रमांक 159/2025 से जुड़ा है। 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात ग्राम कुम्हरता घाधी में खौफनाक वारदात हुई थी। सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक घर में पति-पत्नी के शव पड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने रीमा लकड़ा और जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला के शव घर की परछी में बरामद किए।
प्रारंभिक जांच में दोनों की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इतना ही नहीं, घर से बकरियां भी गायब मिलीं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया।
मौके पर पहुंचे एसएसपी, शुरू हुई आरोपियों की तलाश
दोहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल स्वयं घटनास्थल पहुंचे और पुलिस टीम को हर पहलू से बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए।
पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और विवेचना के दौरान करीमन मझवार और जय श्याम को पकड़कर पूछताछ की। आरोपियों के मेमोरेण्डम कथनों के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टांगी (कुल्हाड़ी) बरामद की।
खून के धब्बों वाले कपड़ों से लेकर FSL रिपोर्ट तक, पुलिस ने जोड़े साक्ष्यों के तार
पुलिस ने आरोपियों द्वारा घटना के समय पहने गए शर्ट भी जब्त किए, जिन पर खून जैसे धब्बे पाए गए थे। घटनास्थल से शवों के पास पड़ी खून आलूदा मिट्टी, साधारण मिट्टी, मृतकों के कपड़े और पोस्टमार्टम के दौरान संरक्षित महत्वपूर्ण साक्ष्य भी विधिवत जब्त किए गए।
सभी महत्वपूर्ण सामग्री को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया। घटना में प्रयुक्त हथियार और कपड़ों का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया। यानी पुलिस ने महज बयान के भरोसे मामला नहीं छोड़ा, बल्कि वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए केस को मजबूत बनाया।
16 गवाह और 46 आर्टिकल बने अभियोजन की ताकत
मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 16 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और 46 आर्टिकल साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस की परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्यों पर आधारित विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी ने आरोपियों के खिलाफ मामला मजबूत कर दिया।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को अभियोग पत्र क्रमांक 164/2025 न्यायालय में पेश किया था।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद
तमाम साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने के संबंध में भी विचार करते हुए समुचित प्रतिकार की अनुशंसा की है।
विवेचक और टीम को मिलेगा पारितोषिक
इस महत्वपूर्ण सफलता पर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा विवेचक थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो एवं सहायक स्टाफ को उचित पारितोषिक दिए जाने की अनुशंसा की गई थी। वहीं पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश खलखो तथा विवेचना में सहयोग करने वाले दरिमा स्टाफ के उत्साहवर्धन के लिए उचित पारितोषिक देने की घोषणा की है।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो की उच्च व्यवसायिक दक्षता और उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा की।
एक खौफनाक रात… दो जिंदगियां खत्म… और करीब दस महीने बाद अदालत का सख्त फैसला। कुम्हरता दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा ने साफ कर दिया कि पुख्ता साक्ष्य और मजबूत विवेचना के सामने अपराधियों का बच निकलना आसान नहीं है।