सीतापुर में फिल्मी अंदाज में ज्वेलरी उठाईगिरी, दो बाइक पर चार बदमाश… पुलिस ने ऐसे बिछाया जालएक करोड़ की उठाईगिरी, 500 CCTV और 10 दिन का ऑपरेशन… पुलिस ने उड़ीसा में ढूंढ निकाला माल!



मुकेश अग्रवाल
सीतापुर। सीतापुर में दिनदहाड़े ज्वेलरी व्यापारी के बैग से करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण की उठाईगिरी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वारदात के बाद आरोपी पुलिस को चकमा देकर छत्तीसगढ़ से झारखंड और उड़ीसा तक भाग निकले, लेकिन पुलिस ने भी पीछा नहीं छोड़ा। करीब 500 CCTV कैमरों के फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और दूसरे राज्यों की पुलिस से समन्वय के जरिए संदिग्धों की पहचान कर ली गई। पुलिस ने आरोपी के घर से करीब 46 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
स्कूटी से बैग रखा और चंद सेकंड में हो गया गायब
मामला 26 जुलाई 2026 का है। सीतापुर हाईस्कूल के पास संचालित कांशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक अरूणदेव सोनी सुबह करीब 11:30 बजे अपनी स्कूटी में ज्वेलरी से भरा बैग लेकर दुकान पहुंचे थे। दुकान के सामने स्कूटी खड़ी कर शटर खोलने के दौरान अज्ञात आरोपी मौका देखकर स्कूटी के सामने रखा बैग उठाकर फरार हो गए। बैग में करीब एक करोड़ रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बताए गए।
मामले में थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 296/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दो बाइक, चार संदिग्ध और पुलिस ने शुरू किया पीछा
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी के नेतृत्व में साइबर सेल अम्बिकापुर और थाना सीतापुर की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच में घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले गए। फुटेज में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध व्यापारी का बैग लेकर भागते दिखाई दिए। पुलिस ने CCTV के जरिए आरोपियों के भागने के पूरे रूट को ट्रेस किया।
छत्तीसगढ़ से झारखंड और उड़ीसा तक कैमरों की कड़ी
पुलिस टीम ने सरगुजा के ग्राम गेरसा से लेकर जशपुर के कांसाबेल, कुनकुरी, सिंगीबहार, झारखंड के कुरडेग, खैरनटोली, सिमडेगा और उड़ीसा के सुंदरगढ़ सहित कई संभावित स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले। करीब 500 CCTV फुटेज का बारीकी से अवलोकन और तकनीकी विश्लेषण किया गया।
फुटेज और संदिग्धों के हुलिए के आधार पर अलग-अलग राज्यों की पुलिस से समन्वय किया गया। इसी कड़ी में दो संदिग्धों की पहचान चांटी दास निवासी ग्राम सोर्डा, जिला गंजाम, उड़ीसा और नागेश्वर राव निवासी नारायणपुर, थाना कोटिनाडा, जिला गंजाम, उड़ीसा के रूप में हुई।
10 दिन तक उड़ीसा में डेरा, फिर आरोपी के घर पहुंची पुलिस
आरोपियों की पहचान सामने आते ही पुलिस टीम को उड़ीसा के गंजाम जिले रवाना किया गया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से संयुक्त टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर करीब 10 दिनों तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि संदिग्ध चांटी दास 16 अगस्त की रात अपने घर आया था। सूचना मिलते ही संयुक्त पुलिस टीम उसके घर पहुंची, लेकिन वहां ताला लगा मिला। पुलिस ने विधिवत तलाशी ली तो आरोपी घर पर नहीं मिला, लेकिन घर के अंदर छिपाकर रखे गए सीतापुर की वारदात के जेवर बरामद हो गए।
46 लाख के जेवर बरामद, आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर
तलाशी के दौरान पुलिस ने 300.92 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 43 लाख रुपये, तथा करीब 1 किलो 168 ग्राम चांदी के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 3 लाख रुपये, बरामद किए। कुल बरामद मशरूका करीब 46 लाख रुपये का बताया गया है।
हालांकि मुख्य संदिग्ध चांटी दास और नागेश्वर राव सहित वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस की कार्रवाई से माना जा रहा है कि मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरे मामले के खुलासे में साइबर सेल अम्बिकापुर, थाना सीतापुर और थाना मणीपुर की पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं उड़ीसा पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने भी आरोपियों की तलाश एवं कार्रवाई में सहयोग किया।
500 CCTV फुटेज से शुरू हुआ सुराग, 10 दिन की तलाश के बाद 46 लाख के जेवर की बरामदगी—सीतापुर की इस बड़ी उठाईगिरी में पुलिस की कार्रवाई ने आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।