भक्ति के रंग में रंगा पत्थलगांव: इंदुमती रामायणी की अमृतवाणी से झूम उठा कथा पंडाल, पहले ही दिन उमड़ा आस्था का सैलाब सात दिवसीय श्रीराम कथा प्रेम यज्ञ का भव्य शुभारंभ, शंकर विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, भजनों पर देर तक झूमता रहा पंडाल



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। नगर के अग्रसेन भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा प्रेम यज्ञ एवं सामूहिक रुद्राभिषेक का शुभारंभ गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में हुआ। अयोध्या धाम से पधारीं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त श्रीराम कथा वाचिका पूज्या इंदुमती रामायणी जी की मधुर, ओजस्वी और भावपूर्ण वाणी ने पहले ही दिन ऐसा समां बांधा कि पूरा कथा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
कार्यक्रम के दौरान सुबह 8 बजे से 10 बजे तक पूज्य अनुराग शरण जी महाराज के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सामूहिक रुद्राभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। वहीं दोपहर 3 बजे से सायं 8 बजे तक अग्रसेन भवन में श्रीराम कथा का दिव्य आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
शंकर विवाह प्रसंग ने बांधा ऐसा समां, भाव-विभोर हो उठे श्रद्धालु
कथा के प्रथम दिवस पूज्या इंदुमती रामायणी जी ने भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने जीवन के आध्यात्मिक रहस्यों को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि आज का मनुष्य सुख मिलने पर भगवान को भूल जाता है, लेकिन दुख आते ही प्रभु की शरण में पहुंच जाता है।
उन्होंने कहा, “यदि जीवन में सच्चा आनंद और स्थायी सुख चाहिए तो भगवान का स्मरण केवल संकट में नहीं, बल्कि सुख के समय भी करना चाहिए। जो व्यक्ति सुख में भी प्रभु का स्मरण करता है, उसके जीवन में ईश्वर की विशेष कृपा बनी रहती है।”

भजनों पर झूम उठा कथा पंडाल
कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए भक्ति भजनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। जैसे ही भजन…
“जहां कुछ पल की जिंदगानी, एक रोज सबको जाना…
बरसों की क्यों सोचे, पल भर का नहीं है ठिकाना…”
…गूंजा तो श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में झूमने लगे। पूरा पंडाल तालियों, जयकारों और भक्ति रस से सराबोर हो गया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।

आकर्षक सजावट बनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
पूरे कथा स्थल को मनमोहक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। कथा पंडाल की दिव्यता देखते ही बन रही है। पहले ही दिन श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ी कि पंडाल खचाखच भर गया। कथा समाप्ति के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण भी किया गया।
मुख्य यजमान निभा रहे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
इस भव्य धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान पवन अग्रवाल, अध्यक्ष सरगुजा संभागीय अग्रवाल सभा, पूरे विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभा रहे हैं। वहीं आयोजन समिति एवं स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, बैठक व्यवस्था, प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं।
सात दिनों तक चलने वाला यह आध्यात्मिक महोत्सव प्रतिदिन सुबह सामूहिक रुद्राभिषेक और दोपहर से सायंकाल तक श्रीराम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और संस्कार की अमूल्य धारा से जोड़ता रहेगा।