“अब स्कूलों में नहीं चलेगी लापरवाही! पत्थलगांव में प्राचार्यों की क्लास, BEO ने जारी किया सख्त फरमान” 100% उपस्थिति से लेकर अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र, स्मार्ट क्लास और शिक्षक पुरस्कार तक—हर मोर्चे पर तय हुई जवाबदेही, अधिकारियों ने दी कड़ी चेतावनी।



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। विकासखंड पत्थलगांव के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीईओ, एबीईओ एवं बीआरसी ने शिक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब विद्यालयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और शासन की योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों ने कई अहम निर्देश जारी किए।
बैठक में सीजीवीएस (CGVS) के माध्यम से सभी शिक्षकों एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों की 100 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी (APAAR ID) तत्काल बनाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के पालकों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें स्कूल भेजने की रणनीति पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि पात्र विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश, छात्रवृत्ति एवं मध्याह्न भोजन योजना का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। इन योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित विद्यालय की जवाबदेही तय होगी।
बैठ
क में ‘यशस्वी जशपुर’ अभियान के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन करने, विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशाला की नियमित गतिविधियां, स्मार्ट क्लास का सुचारू संचालन, तथा विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा संसाधनों का अधिकतम लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके साथ ही शिक्षकों को राज्य एवं जिला स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए अधिक से अधिक पंजीयन करने और अभी से तैयारी शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं इंस्पायर अवार्ड में माध्यमिक एवं हाई स्कूल स्तर पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन कराने तथा प्राथमिक विद्यालयों में ‘जश लर्न’ गतिविधियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने सभी संकुलों एवं विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक सप्ताह कम से कम दो विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।