भक्ति की गूंज से गुंजायमान हुआ पत्थलगांव! भव्य कलश यात्रा के साथ रामकथा महायज्ञ का शुभारंभ, उमड़ा आस्था का जनसैलाब



मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव। नगर के अग्रसेन भवन में गुरुवार को धर्म, भक्ति और सनातन संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। अयोध्या धाम से पधारे राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल संत श्रद्धेय अनुराग शरण जी महाराज के पावन सानिध्य एवं अंतरराष्ट्रीय रामकथा वाचक श्रद्धेया इंदुमती रामायणी जी के श्रीमुख से होने वाली दिव्य रामकथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ अत्यंत श्रद्धा और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। पूरे नगर में “जय श्रीराम” के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो उठा।

सत्यनारायण मंदिर से प्रारंभ हुई विशाल कलश यात्रा में मुख्य यजमान पवन अग्रवाल (अध्यक्ष, सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा) एवं जगदीश प्रसाद अग्रवाल (उपाध्यक्ष, सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा) सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सिर पर पवित्र कलश और हाथों में श्रीरामचरितमानस धारण कर श्रद्धापूर्वक शोभायात्रा निकाली। भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच यात्रा अग्रसेन भवन पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश एवं रामायण ग्रंथ की विधिवत स्थापना एवं पूजन सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धेय अनुराग शरण जी महाराज ने अपने मधुर, संगीतमय स्वर में सुंदरकांड का भावपूर्ण पाठ कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे पंडाल में भक्ति की ऐसी अलौकिक धारा बही कि श्रद्धालु भाव-विभोर होकर रामनाम में लीन हो गए। अंत में हनुमान जी महाराज एवं भगवान अग्रसेन महाराज की भव्य आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
प्रथम दिवस के आयोजन में रामलाल अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, प्रयाग अग्रवाल, खजांची लाल अग्रवाल, कृष्ण कुमार अग्रवाल, भीम अग्रवाल, मुरारी लाल अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, श्रीमती कुशुमलता अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, चंदा अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल सहित सैकड़ों अग्रवाल बंधुओं एवं मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।
7 अगस्त तक चलेगा आध्यात्मिक महोत्सव
आयोजन समिति के अनुसार 30 जुलाई से 7 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह वैदिक विधि-विधान से सामूहिक रुद्राभिषेक तथा शाम 4:00 बजे से 7:30 बजे तक श्रद्धेया इंदुमती रामायणी जी द्वारा श्रीराम कथा का अमृतपान कराया जाएगा।
अग्रवाल समाज ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की हैं। आयोजक मंडल ने नगर एवं क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामकथा एवं रुद्राभिषेक में सहभागी बनें तथा इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएं।

“जहां रामकथा होती है, वहां स्वयं भगवान श्रीराम की कृपा बरसती है” — इसी विश्वास के साथ पत्थलगांव में शुरू हुआ यह आध्यात्मिक महोत्सव पूरे क्षेत्र के लिए आस्था, संस्कृति और धर्म का विराट उत्सव बन गया है।