14 लाख का लोहा डकारने की ‘मास्टर प्लान’ फेल! फर्जी ड्राइवर, नकली नंबर प्लेट और हाईटेक ठगी का रायगढ़ पुलिस ने किया पर्दाफाश ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में 30 टन लोहा हेराफेरी का सनसनीखेज खुलासा, पत्थलगांव का मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार, दो आरोपी अब भी फरार।



मुकेश अग्रवाल
रायगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ ने एक बार फिर आर्थिक अपराधियों की कमर तोड़ दी है। करीब ₹14.22 लाख कीमत के 30 टन एमएस चैनल और एमएस बीम की सुनियोजित हेराफेरी का ऐसा खेल सामने आया, जिसमें फर्जी ड्राइवर, नकली ड्राइविंग लाइसेंस, बदली हुई नंबर प्लेट और सुनियोजित गैंग का इस्तेमाल कर माल को रास्ते से ही गायब कर दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चक्रधरनगर पुलिस ने लंबी और तकनीकी जांच के बाद पत्थलगांव निवासी कथित मास्टरमाइंड भगतपुरी गोस्वामी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। वहीं इस हाई-प्रोफाइल ठगी के दो अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रांसपोर्टर के वाहन का नंबर प्लेट लगाकर एमएसपी प्लांट से माल लोड कराया और जमशेदपुर पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही उसे बेच दिया। इतना ही नहीं, 30 टन लोहे और ट्रक का सौदा मात्र ₹7 लाख में कर दिया गया, जिससे पूरे मामले में बड़े गिरोह की भूमिका सामने आई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी नाम “विनोद साहू” का इस्तेमाल कर ट्रांसपोर्टर को झांसा देता रहा, जबकि असली ट्रांसपोर्टर ने ऐसे किसी ड्राइवर को पहचानने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे षड्यंत्र की परत-दर-परत खोल दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केवल धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि साक्ष्य मिटाने और सामूहिक षड्यंत्र की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ दी हैं। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि “रायगढ़ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ लगातार जारी रहेगा। योजनाबद्ध आर्थिक अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी राज्य या गिरोह से जुड़ा हो।”