“बाइक चोरों का ‘सुपर गैंग’ बेनकाब: 21 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ 5 शातिर गिरफ्तार, रायगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ से मचा हड़कंप!”

 

Mukesh agrawal

रायगढ़ से ओडिशा तक फैला था वाहन चोरों का नेटवर्क, ₹9 लाख की 21 बाइक बरामद, दो आरोपी अब भी फरार, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से गिरोह का खेल खत्म।

रायगढ़।

रायगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ ने वाहन चोरों की दुनिया में ऐसा भूचाल ला दिया कि अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पूरा खेल ही उजागर हो गया। शहर से लेकर पड़ोसी जिलों और ओडिशा तक सक्रिय इस शातिर गैंग को चक्रधरनगर पुलिस ने धर दबोचा। कार्रवाई में 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं, जिनकी कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने 5 शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जबकि गिरोह के 2 अन्य सदस्य अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी व नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में चक्रधरनगर पुलिस ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस का कहना है कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर यह अभियान आगे भी और तेज किया जाएगा।

कमला नेहरू पार्क से शुरू हुई जांच, खुल गया पूरे गैंग का राज

पूरे मामले की शुरुआत कमला नेहरू पार्क के सामने से चोरी हुई एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से हुई। पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया तो सूचना मिली कि दो युवक मेडिकल कॉलेज रोड पर चोरी की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। दोनों ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर बाइक चोरी करने की बात कबूल ली। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

रायगढ़ से ओडिशा तक फैला था चोरी का जाल

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे रायगढ़, कोरबा, सक्ती, डभरा, मालखरौदा और ओडिशा के बरगढ़ समेत कई इलाकों में रेकी कर मोटरसाइकिलें चुराते थे। खासकर हीरो स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसी बाइकों को निशाना बनाया जाता था। लॉक तोड़कर बाइक चुराने के बाद उन्हें दूसरे जिलों और राज्यों में बेच दिया जाता था।

21 बाइक बरामद, संगठित अपराध की धाराएं भी जुड़ीं

आरोपियों के कब्जे से कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि संगठित वाहन चोर गिरोह का नेटवर्क था। इसी वजह से प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

पुराने अपराधी निकले गैंग के मास्टरमाइंड

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अनिल मिश्रा और चंदन राय पहले भी वाहन चोरी के कई मामलों में शामिल रह चुके हैं। खासकर चंदन राय वर्ष 2015 से बाइक चोरी के मामलों में सक्रिय रहा है। पुलिस अब दोनों फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।

एसएसपी का सख्त संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि “वाहन चोरी जैसे संगठित अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और चोरी की संपत्ति बरामद कर उन्हें कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।”

अपराध पर करारा प्रहार, अपराधियों पर लगातार वार।

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