करोड़ों की जमीन, लाखों की नकदी और रिश्तों के पीछे छिपा बड़ा खेल… आखिर सच क्या है?



मुकेश अग्रवाल
रायगढ़/घरघोड़ा। एक सफल व्यवसायी की जिंदगी में सब कुछ सामान्य दिख रहा था। कारोबार चमक रहा था, आमदनी बढ़ रही थी, लेकिन एक सवाल उसे सालों से परेशान कर रहा था—आखिर मेहनत की कमाई जा कहां रही है?
शुरुआत में उसे लगा कि शायद हिसाब-किताब में कहीं गलती हो रही होगी। लेकिन जब रकम बढ़ती गई और तिजोरी खाली होती गई, तो शक ने जन्म लिया। इसके बाद उसने ऐसा कदम उठाया जिसने कथित तौर पर पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।
बताया जाता है कि व्यवसायी ने घर में CCTV कैमरे लगवा दिए। कैमरों में जो तस्वीरें कैद हुईं, उन्हें देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोप है कि उसकी पत्नी चुपचाप अलमारी से नकदी निकालकर अपने भाई को सौंप रही थी। यहीं से शुरू हुई उस कथित साजिश की परतें खोलने वाली कहानी, जो अब करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोपों तक पहुंच गई है।
जांच में सामने आया कि एक बेरोजगार युवक के खाते में लाखों रुपये के लेन-देन हुए। वहीं दूसरी ओर, ऐसी जमीन भी पत्नी के नाम कराई गई, जिस पर भविष्य में करोड़ों रुपये के मुआवजे और नौकरी मिलने की संभावना बताई जा रही थी।
शिकायत के बाद मामले की जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ ने की। जांच में चोरी, धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर घरघोड़ा थाने में अपराध दर्ज किया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सब केवल पैसों का खेल था या फिर करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की सुनियोजित रणनीति?
पुलिस ने मामले में पत्नी सीमा बघेल और उसके भाई कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने साफ संदेश दिया है कि आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी और गबन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा तथा पीड़ितों को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है।