बकरी चुराने आया ‘गोल्डन’, ग्रामीणों ने बना दिया ‘कैदी’; नट गिरोह के फरार साथियों की तलाश तेज”



मुकेश अग्रवाल संपादक
लोदाम। जशपुर जिले के लोदाम क्षेत्र में आधी रात बकरियों पर हाथ साफ करने पहुंचे कुख्यात बादी (नट) गिरोह के एक सदस्य को ग्रामीणों की सतर्कता ने ऐसा सबक सिखाया कि उसकी पूरी चोरी की योजना धरी की धरी रह गई। सीतापुर से अपने साथियों के साथ कार में सवार होकर बकरी चोरी करने पहुंचे अनीष खान उर्फ गोल्डन को ग्रामीणों ने दौड़ाकर रंगे हाथ पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार लोदाम बैगाटोली निवासी किषुन राम ने अपने घर के गोहार में नौ बकरा-बकरियां बांध रखी थीं। 2 जून की रात करीब दो बजे पड़ोसी ने फोन कर घर के बाहर संदिग्ध वाहन खड़े होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही किषुन राम घर से बाहर निकला तो उसके होश उड़ गए। घर के एक कमरे का ताला टूटा हुआ था और सामान बिखरा पड़ा था। जब वह गोहार पहुंचा तो वहां का दरवाजा भी टूटा मिला और एक बकरा तथा एक बकरी गायब थे।
इसी बीच गांव में शोर मचने पर ग्रामीण सक्रिय हो गए। ग्राम कोटवार एवं अन्य ग्रामीणों ने एक संदिग्ध युवक को दौड़ाकर धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपना नाम अनीष खान उर्फ गोल्डन निवासी टुकूपारा, सीतापुर बताया। उसके कब्जे से चोरी की गई एक बकरी, टांगी, मोबाइल, टॉर्च, टेप सहित चोरी में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद किया गया। हालांकि उसके दो साथी कार में बैठकर मौके से भाग निकलने में सफल रहे।
पुलिस पूछताछ में अनीष खान ने स्वयं को कुख्यात बादी (नट) गिरोह का सदस्य बताया है। उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ सीतापुर से चोरी की नीयत से लोदाम पहुंचा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना लोदाम में अपराध क्रमांक 38/2026 के तहत धारा 331(4), 305 एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जागरूक ग्रामीणों के सहयोग से कुख्यात गिरोह के एक सदस्य को रंगे हाथ पकड़ा गया है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपी के विरुद्ध अन्य थानों में भी अपराध दर्ज होने की जानकारी मिली है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
ग्रामीणों की सतर्कता बनी पुलिस की ताकत
अगर पड़ोसी समय रहते संदिग्ध वाहन की सूचना नहीं देता और ग्रामीण सक्रिय नहीं होते, तो चोर बकरियां लेकर आसानी से फरार हो जाते। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराध पर अंकुश लगाने में जागरूक नागरिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।