एन एच 43 पत्थलगांव अंबिकापुर रोड से जशपुर रोड बाईपास निर्माण आखिरकार कब होगा शुरू

मुकेश अग्रवाल
पत्थलगांव शहर से गुजरने वाले एन एच43 सड़क शहर के बीचों बीच से जाने के कारण लगातार सड़क में दुर्घटनाओं का दौर बढ़ चला है वहीं शहर के नागरिक बड़ी हैबि वाहनों एवं चार पहिया गाड़ियों के चलने की वजह से धूल से परेशान हो चुके हैं पत्थलगांव शहर अंबिकापुर रोड से लेकर जशपुर रोड तक बाईपास सड़क का मुआवजा कई वर्षों पूर्व भूमि स्वामियों को सौंपा जा चुका है जिसमें भूमि स्वामी शासन से मिल चुके पैसे के बावजूद बड़े मजे से उन भुमि का उपयोग कर रहे है। वहीं दूसरी ओर एन एच अधिकारियों के ढुलमुल रवैया की वजह से स्थानीय नागरिक धूल के साथ रोजाना दर्जनों बार सड़क जाम में फस कर परेशान हो रहे हैं। पत्थलगांव की बेहद जरूरी बाईपास सड़क की मांग वर्षों पुरानी है। जिसके पूरे होने का इंतजार ही करते देखे जा रहे है शहर वासी जो इंतजार बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर प्रतिदिन हैवी लोड गाड़ियों की वजह से शहर में दुर्घटनाओं का इजाफा हो चुका है वहीं सड़कों से उड़ने वाली धूल नागरिकों के लिए धीमा जहर का काम कर रही है। बाईपास सड़क के अभाव में ताजा मामला तब देखने को मिला जब बाईपास सड़क के अभाव में गाड़ियों की रेलमपेल में एक ट्रेलर गाड़ी पलटी मारते हुए आग लग गई एवं एक व्यक्ति की मौत हो गई। आये दिन भारी वाहनों के शहर से गुजरकर जाने की वजह से शहर थम सा जाता है।
पत्थलगांव शहर के नागरिकों के साथ पुलिस भी परेशान
पत्थलगांव शहर में जब भी किसी तरह का रैली, जुलूस का आयोजन होता है तो पुलिस प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर बड़े चार पहिया वाहनों को शहर से बाहर ही रोक दिया जाता है जिसके कारण चार पहिया वाहनों को समय के साथ काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर पत्थलगांव को बाईपास सड़क बन कर मिलता तो इन परेशानियों से आम लोगो के साथ बड़े वाहन और यातायात में काफी फायदा पहुचता जिसमे 50% तो यातायात आराम से चलता रहता वर्षों से बाईपास सड़क की टेंडर हो जाने के बावजूद नहीं बनना पुलिस के साथ स्थानीय नागरिकों के लिए सर दर्द साबित हो रहा है यदि बाईपास सड़क का निर्माण हो जाता तो चार पहिया वाहनों को इन परेशानियों से जूझना नही पड़ता साथ ही नागरिकों को दुर्घटनाओं दिन भर उड़ रहे धुल से निजात मिल जाता ।
बाईपास सड़क के संबंध में एन एच के ई उरांव सर से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि बाईपास सड़क का टेंडर हो चुका है जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा
छत्तीसगढ़ शासन के चीफ इंजीनियर पिपरी से पत्थलगांव बाईपास सड़क के संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले पर मैं जल्द ही संज्ञान लेता हूं । बाईपास सड़क टेंडर होने के बावजूद काम नहीं शुरू होने की जानकारी लेकर इसे जल्द चालू करने की बात कही
अब देखना यह है कि शहर के नागरिकों को धुल से राहत कब मिलती है देखने वाली बात होगी
? छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया के गृह जिले में सड़कों की इस तरह लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कब गाज गिरेगी??
पत्थलगांव शहर से गुजरने वाले एन एच43 सड़क शहर के बीचों बीच से जाने के कारण लगातार सड़क में दुर्घटनाओं का दौर बढ़ चला है वहीं शहर के नागरिक बड़ी हैबि वाहनों एवं चार पहिया गाड़ियों के चलने की वजह से धूल से परेशान हो चुके हैं पत्थलगांव शहर अंबिकापुर रोड से लेकर जशपुर रोड तक बाईपास सड़क का मुआवजा कई वर्षों पूर्व भूमि स्वामियों को सौंपा जा चुका है जिसमें भूमि स्वामी शासन से मिल चुके पैसे के बावजूद बड़े मजे से उन भुमि का उपयोग कर रहे है। वहीं दूसरी ओर एन एच अधिकारियों के ढुलमुल रवैया की वजह से स्थानीय नागरिक धूल के साथ रोजाना दर्जनों बार सड़क जाम में फस कर परेशान हो रहे हैं। पत्थलगांव की बेहद जरूरी बाईपास सड़क की मांग वर्षों पुरानी है। जिसके पूरे होने का इंतजार ही करते देखे जा रहे है शहर वासी जो इंतजार बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर प्रतिदिन हैवी लोड गाड़ियों की वजह से शहर में दुर्घटनाओं का इजाफा हो चुका है वहीं सड़कों से उड़ने वाली धूल नागरिकों के लिए धीमा जहर का काम कर रही है। बाईपास सड़क के अभाव में ताजा मामला तब देखने को मिला जब बाईपास सड़क के अभाव में गाड़ियों की रेलमपेल में एक ट्रेलर गाड़ी पलटी मारते हुए आग लग गई एवं एक व्यक्ति की मौत हो गई। आये दिन भारी वाहनों के शहर से गुजरकर जाने की वजह से शहर थम सा जाता है।
पत्थलगांव शहर के नागरिकों के साथ पुलिस भी परेशान
पत्थलगांव शहर में जब भी किसी तरह का रैली, जुलूस का आयोजन होता है तो पुलिस प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर बड़े चार पहिया वाहनों को शहर से बाहर ही रोक दिया जाता है जिसके कारण चार पहिया वाहनों को समय के साथ काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर पत्थलगांव को बाईपास सड़क बन कर मिलता तो इन परेशानियों से आम लोगो के साथ बड़े वाहन और यातायात में काफी फायदा पहुचता जिसमे 50% तो यातायात आराम से चलता रहता वर्षों से बाईपास सड़क की टेंडर हो जाने के बावजूद नहीं बनना पुलिस के साथ स्थानीय नागरिकों के लिए सर दर्द साबित हो रहा है यदि बाईपास सड़क का निर्माण हो जाता तो चार पहिया वाहनों को इन परेशानियों से जूझना नही पड़ता साथ ही नागरिकों को दुर्घटनाओं दिन भर उड़ रहे धुल से निजात मिल जाता ।
बाईपास सड़क के संबंध में एन एच के ई उरांव सर से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि बाईपास सड़क का टेंडर हो चुका है जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा
छत्तीसगढ़ शासन के चीफ इंजीनियर पिपरी से पत्थलगांव बाईपास सड़क के संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले पर मैं जल्द ही संज्ञान लेता हूं । बाईपास सड़क टेंडर होने के बावजूद काम नहीं शुरू होने की जानकारी लेकर इसे जल्द चालू करने की बात कही
अब देखना यह है कि शहर के नागरिकों को धुल से राहत कब मिलती है देखने वाली बात होगी
? छत्तीसगढ़ राज्य के मुखिया के गृह जिले में सड़कों की इस तरह लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कब गाज गिरेगी??




