यह खेत नहीं जसपुर जिले का राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 43 है
करोड़ों के बजट से निर्मित 10 साल में भी राष्ट्रीय राजमार्ग अधूरा
राष्ट्रीय राजमार्ग को बनाने की बन रहे गिनीज बुक के रिकॉर्ड
जसपुर जिले में पर्यटन एवं विकास के पंख लगा कर उड़ान भरने का सपना संजोए क्षेत्र के लोग सपनों को हकीकत में बदलने का कर रहे इंतजार



पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
कटनी से गुमला तक राष्ट्रीय राजमार्ग 43 करोड़ों का निर्माण कार्य लगभग 10 सालों से पूरा होने के इंतजार में बाट जो रहा है राष्ट्रीय राजमार्ग 43 जिसमें दो अलग-अलग सरकार के कार्यकाल को देखने के बाद भी आज तक राष्ट्रीय राजमार्ग जमीनी हकीकत में कोसों दूर दिखाई दे रहा है राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत किसी से छुपी नहीं है जहां राष्ट्रीय राजमार्ग जगह जगह गड्ढे व कीचड़ में तब्दील हो चुका है हल्की सी मानसून की बारिश में राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रामीण क्षेत्रों के सड़कों से भी बदतर स्थिति में नजर आता है कई सालों से राष्ट्रीय राजमार्ग अपनी हालत पर आंसू बहाने को मजबूर हो चुका है इन सड़कों से होकर लाल बत्ती ,नीली बत्ती धारी नेताओं के अलावा बड़े बड़े अधिकारी अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर चलते हुए नजर आते हैं या तो नेता हवाई खटोले से उड़कर अपने नियत स्थान पर पहुंचकर कार्यों को सिद्ध करते हुए नजर आते हैं या फिर जसपुर जिले में पहुंचने के लिए उड़ीसा के मार्ग से जसपुर जिले में पहुंचते हैं इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जसपुर एवं रायगढ़ जिले की सड़कों का हाल किस कदर जर्जर एवं खराब हो चुका है जहां नागरिक घरों से निकलने से पहले अपने जान की सलामती के लिए भगवान के सामने प्रार्थना करते हुए नजर आते हैं पत्थलगांव नगर के समीप पूरन तालाब से लेकर एसडीएम ऑफिस तक एवं अंबिकापुर रोड पर कदम घाट से लेकर बीटीआई चौक तक की सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क की कहानी बयां कर रही हैं जिन सड़कों पर से होकर चार पहिया वाहन तो क्या पैदल चलना भी अपने आप में इनाम देने वाला कारण हो सकता है। जहां सड़कों पर गाड़ियां लगातार फंसकर अपने आर्थिक एवं मानसिक क्षती को झेल रही है इन सड़कों पर से होकर स्कूली बच्चों का हाल आने जाने के लिए काफी कष्टदायक हो चुका है स्कूली बच्चे पैदल चलने पर कीचड़ से सरोवर इन सड़कों पर अपने स्कूली ड्रेस पर रंगीन धब्बों से सररोबार होते नजर आते हैं वही स्कूली बस में बैठने के बाद स्कूल तक पहुंचने के लिए स्कूली बच्चे दो-चार होते नजर आते हैं। जसपुर जिले की सड़कों से एडवेंचर ट्रैवलिंग का आनंद मुस्कुराते हुए लीजिए क्योंकि आप जसपुर जिले की सड़कों पर ट्रैवलिंग कर रहे हैं।
नागरिकों के चक्का जाम के बाद आश्वासन का झुनझुना एवं जनप्रतिनिधियों के खोखले दावे
पत्थलगांव के समीप अंबिकापुर रोड एवं जसपुर रोड पर 2 किलोमीटर लंबी सड़क जर्जर स्थिति जिसे कई साल हो चुके हैं लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस दिखाई देती है वही बारिश से पूर्व आखिरकार सड़कों को खोदकर ठेकेदार द्वारा नागरिकों के लिए जी का जंजाल खड़ा कर दिया गया सड़कें दलदल एवं बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है जिसका खामियाजा नागरिकों को घायल होकर चार पहिया वाहनों को फसकर उठाना पड़ रहा है राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों के इस हाल का आखिर जिम्मेदार कौन ???
क्या 10 सालों बाद भी नागरिक इसी तरह की सड़कों के ऊपर चलने को मजबूर होते रहेंगे???
??? क्या नागरिक ठेकेदार एवं अधिकारियों के कारण अपनी जान को जोखिम में डालकर गंतव्य तक रवाना होंगे ??
क्या जनप्रतिनिधि आंखें बंद कर विकास की सड़कों को दिखाकर नागरिकों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करते रहेंगे??
विधानसभा लोकसभा जनप्रतिनिधि बता रहे सड़कों को चकाचक जब भी विधानसभा लोकसभा के सत्र में सड़कों की स्थिति को लेकर प्रश्न किए जाते हैं तब जनप्रतिनिधि सड़कों को चकाचक एवं चिकनी बताकर जमीनी हकीकत मैं पर्दा डालते नजर आते हैं।





