अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर ठाकुर शोभा सिंह महाविद्यालय में किया गया योगाभ्यास

पत्थलगांव/मुकेश अग्रवाल
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज ठाकुर शोभा सिंह शासकीय महाविद्यालय पत्थलगांव के प्रांगण में योगाभ्यास कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के राज्य गीत के मधुर गान के साथ की गई। योगाभ्यास कार्यक्रम शुरू करने से पूर्व महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. टी.आर.पाटले ने अपने उद्बोधन में मानव जीवन में योग की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आधुनिक समय में मनुष्य भौतिकवाद एवं बाजारवाद के भंवर जाल में फंस कर सारे सुख सुविधा को बटोरना चाहता है इस कारण उनकी जीवन शैली एवं खानपान बिगड़ गया है,जिसकी वजह से उनके शरीर में विभिन्न प्रकार की बिमारियां उत्पन्न हो रही हैं। और वे जब डॉ. को दिखाते हैं, तो उनके द्वारा दी हुई एलोपेथी दवाई से शरीर में कई साईड इफेक्ट होने के कारण अन्य बिमारी पैदा हो जाती है। इन सब परेशानियों से बचने के लिए दुनिया फिर से प्रकृति से जुड़कर योग को प्राथमिकता दे रही है। योग के माध्यम से प्रकृति से जुड़कर विभिन्न आसनों का विधिवत् अभ्यास करने से शरीर स्वस्थ रहता है तथा शरीर में अव्यवस्थित जीवन शैली से उत्पन्न होने वाली कई प्रकार की बिमारियां स्वमेव समाप्त हो जाती है ।इसलिए आज के बदलते परिवेश में हरेक व्यक्ति को योग करना चाहिए। उद्बोधन के अन्त में उन्होंने उपस्थित छात्र छात्राओं को प्रतिदिन सुबह आधा से एक घण्टा समय निकालकर योग करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि श्री चैतन्य नाग योग प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहे उन्होंने योगाभ्यास के दौरान विभिन्न आसनों की प्रैक्टिस कराकर कौन सा आसन किस बिमारी के लिए उपयुक्त है, इसकी जानकारी विस्तृत रूप में दिया। योगाभ्यास के अन्त में आईक्यूएसी प्रभारी प्रो.अनुपमा प्रधान द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक, एवं एनसीसी कैडेट्स का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में प्रो. जे.के. भगत , प्रो. मनमोहन किरवानी , अतिथि प्राध्यापक संजय बघेल, गीतांजली प्रधान, अल्पना कुजूर , पूनम चौहान, हुमी सिंह , अनिल सिंह, सुनील यादव, छबिल चंद्रवंशी , बसंत कुमार यादव , नीलम मण्डावी,महेश यादव एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।




