शौर्य दिवस के मौके पर मैरिज गार्डन में विशाल हिंदू सम्मेलन मातृ शक्ति ने दिखाया दमखम

मुकेश अग्रवाल पत्थलगाव
रती पर मां भगवान का स्वरूप है। मां ही वह शक्ति है जिसने न सिर्फ भगवान श्री राम के व्यक्तित्व का निर्माण किया बल्कि देश को शिवाजी, विवेकानंद जैसे महापुरुष भी दिए। यह बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव ने हिंदू सम्मेलन के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।

शौर्य दिवस के मौके पर मैरिज गार्डन में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की शुरुआत भगवान श्री राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। यहां उपस्थित लोगों को संबोधित हुए मुख्य वक्ता आर एस एस के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव ने समाज के सशक्तिकरण के लिए संस्कारों के प्रत्यारोपण को जरूरी बताया ।उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरु की संज्ञा यूंही नहीं मिली। देश ने ऐसे ऐसे चरित्र दुनिया के सामने रखे जिन्होंने पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। इसकेबलिए उन्होंने महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्री राम, शिवाजी और विवेकानंद जैसे चरित्र देश को तब तक नहीं मिल सकते थे यदि उनकी माताओं ने उनमें ऐसे संस्कारों का प्रत्यारोपण नहीं किया होता। आज पुनः महिला शक्ति को उसी प्रकार अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए आगे आना चाहिए और बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए। कार्यक्रम के संरक्षक तथा विख्यात ज्योतिषी भक्ता महाराज ने कहा कि समाज में व्याप्त ऊंच नीच और कुरीतियों पर कुठाराघात करते हुए इनके उन्मूलन की जरूरत बताई।उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को सशक्त होने के लिए जरूरी है कि सभी वर्ग समाज की एकजुटता और सशक्तिकरण में अपने अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अपने संबोधन में गायत्री परिवार की पार्वती चौहान ने नारी शक्ति की जागृति पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि नारियों को हमेशा से भारतवर्ष में सम्मान का ऊंचा दर्जा प्राप्त रहा है परंतु आधुनिकता की दौड़ में महिलाएं ही इसे विस्मृत कर खुद को अबला समझ बैठी हैं। महिलाओं को सनातन संस्कृति का अनुसरण करते हुए न सिर्फ अपने बल्कि समाज की जागृति और सशक्तिकरण पर ध्यान देना चाहिए। इस दौरान कहावत को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए फसल और नस्ल दोनों की रक्षा की जरूरत है। फसल की रक्षा का भार पुरुषों को सौंपा गया है तो महिलाओं के जिम्मे नस्लों को संभालने की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान अलग अलग स्कूलों के बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।जिसमें से शि मं की छात्राओं के द्वारा पारंपरिक धुनों पर करमा नृत्य की प्रस्तुति और गोयल किंडरगार्टन के बच्चों की देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुति को लोगों ने जमकर सराहा। वहीं सुरंगपानी के जगबंधु यादव ने अपनी प्रखर कविता से लोगों को जगाने का काम किया। संचालन आर एस एस के पवन अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोगों के साथ ही विभिन्न समाज प्रमुख भी शामिल रहे।

निकली भव्य रैली
हिंदू सम्मेलन के लिए नगर के मुख्य मार्गो से भव्य रैली निकाली गई। रैली में सैकड़ों की संख्या में हिंदू समाज के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। रैली मैरिज गार्डन से प्रारंभ हुई और जशपुर रोड इंदिरा चौक, अग्रसेन चौक होते हुए पुनः मैरिज गार्डन पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में पुरुषों की अपेक्षा अधिक संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति देखने को मिली और उन्होंने ही धर्म ध्वजा को लहराने में मुख्य भूमिका निभाई। महिलाओं ने अपने हाथों में राम और हनुमान ध्वज थाम रखे थे। रैली के दौरान नगर जय श्री राम के नारों से गूंजायमान होता रहा।





