पत्थलगांव में फिर दुधारू गाय चोरी, CCTV में कैद संदिग्ध! छह गायें पहले ही हो चुकीं चोरी, अब बलराम तिवारी की गाय भी ले उड़े—चारपहिया वाहन से मवेशी चोरी का आरोप, पुलिस के सामने चुनौती

 मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव। पत्थलगांव शहर में दुधारू गायों की लगातार हो रही चोरी ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। बीती रात जशपुर रोड निवासी बलराम तिवारी की दुधारू गाय चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी की घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है, जिसमें संदिग्ध लोग गाय को वाहन में ले जाते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।

बलराम तिवारी के अनुसार, यह उनके साथ पहली घटना नहीं है। उन्होंने बताया कि इसके पहले भी उनकी छह दुधारू गायें चोरी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है। बीती रात एक बार फिर उनकी गाय को निशाना बनाया गया। घटना के बाद उन्होंने पत्थलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई है और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपा है।

पहले भी ब्रह्माकुमारी संस्थान की गाय चोरी का मामला

पत्थलगांव में मवेशी चोरी का मामला इससे पहले भी सामने आ चुका है। कुछ माह पूर्व प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की गाय चोरी होने की शिकायत की गई थी। उस घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज में भी कुछ लोगों द्वारा गाय को चारपहिया वाहन में ले जाते हुए दिखाई देने की बात सामने आई थी। मामले की शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी।

चारपहिया वाहन बना चोरी का जरिया?

लगातार सामने आ रही घटनाओं में चारपहिया वाहन के इस्तेमाल की बात सामने आने से अब यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर शहर में मवेशियों को चोरी कर ले जाने वाला गिरोह किस तरह सक्रिय है और चोरी की गई गायों को आखिर कहां ले जाया जा रहा है?

पशुपालकों का कहना है कि यदि सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों और वाहन की पहचान संभव है, तो पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंचना चाहिए।

पशुपालकों में बढ़ी चिंता, पुलिस कार्रवाई का इंतजार

लगातार दुधारू गायों के चोरी होने से पशुपालकों में भय और नाराजगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मवेशी चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो चोरों के हौसले और बढ़ सकते हैं।

अब निगाहें पत्थलगांव पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस संदिग्धों और वाहन की पहचान कर पाती है या नहीं और चोरी हुई गायों का सुराग कब तक मिलता है—यह आने वाला समय बताएगा।

फिलहाल एक के बाद एक सामने आ रही मवेशी चोरी की घटनाओं ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर जरूर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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