अमरकंटक से भोरमदेव तक 151 किमी की भव्य कांवड़ पदयात्रा, विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में निकलेगा आस्था का सैलाब



मुकेश अग्रवाल
अमरकंटक। माँ नर्मदा की पावन धारा से जल लेकर बाबा भोरमदेव के चरणों में अर्पित करने के लिए 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा अब आस्था और सनातन संस्कृति का विराट संदेश लेकर आगे बढ़ने जा रही है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में अमरकंटक स्थित माँ नर्मदा मंदिर से भोरमदेव तक निकलने वाली इस पदयात्रा की पूर्व संध्या पर अमरकंटक के मेला मैदान (डोम), नवीन नगर पालिका परिसर में भव्य धार्मिक एवं भक्तिमय आयोजन हुआ।

कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक गोमती साय भी शामिल हुईं। उन्होंने कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं के साथ माँ नर्मदा और भगवान भोलेनाथ की भव्य आरती की और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। विधायक गोमती साय ने कांवड़ यात्रियों को भोजन परोसकर सेवा भी की। जनप्रतिनिधि द्वारा स्वयं श्रद्धालुओं की सेवा करने का यह दृश्य आयोजन में मौजूद लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, गूंजा हर-हर महादेव
कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक राकेश शर्मा की भक्तिमय भजन संध्या ने माहौल को पूरी तरह शिवमय कर दिया। भजनों की मधुर धुन, माँ नर्मदा के जयकारे और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया। कांवड़ यात्रियों के साथ श्रद्धालु भी महादेव की भक्ति में रमते नजर आए।
नर्मदा जल लेकर महादेव की ओर बढ़ेंगे कांवड़िए
यह यात्रा केवल 151 किलोमीटर की पदयात्रा नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के संगम का संदेश देने वाली यात्रा के रूप में देखी जा रही है। अमरकंटक की पवित्र भूमि से माँ नर्मदा का जल लेकर कांवड़िए भोरमदेव पहुंचेंगे और बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करेंगे।
माँ नर्मदा की पावन धारा से शुरू होकर भगवान शिव की नगरी भोरमदेव तक पहुंचने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, तपस्या और संकल्प का अद्भुत सफर बनने जा रही है।
बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु और कार्यकर्ता
आयोजन में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, कबीरधाम जिला अध्यक्ष राजेन्द्र चंद्रवंशी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू सहित जिला एवं जनपद के पदाधिकारी, मंडल एवं बूथ अध्यक्ष व प्रभारी, पंडरिया विधानसभा के वरिष्ठ कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधिगण, श्रद्धालु तथा 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा में शामिल होने वाले कांवड़िया भाई-बहन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने कांवड़ यात्रियों की सफल, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की। अमरकंटक से भोरमदेव तक निकलने वाली इस यात्रा के दौरान श्रद्धा और भक्ति के जयघोष से पूरा मार्ग शिवमय होने की उम्मीद है।
माँ नर्मदा का जल… कंधे पर कांवड़… जुबां पर हर-हर महादेव और लक्ष्य भोरमदेव!
151 किलोमीटर की यह यात्रा अब आस्था के एक ऐसे सफर की शुरुआत करने जा रही है, जिसका संदेश होगा—सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति