गौ तस्करी पर बड़ा प्रहार पुलिस कप्तान लाल उम्मेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस का जंगलों में मेगा सर्च अभियान अपने असली रूप में दिखे पुलिस कप्तान

50 से अधिक पुलिस बल के साथ जंगल के रास्तों पर चला सर्च ऑपरेशन, तस्करी के संभावित मार्ग किए गए ब्लॉक।
कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत गांवों में बनाई गई “पुलिस मितान टीम”, ग्रामीणों से मांगा गया सहयोग और बढ़ाया भरोसा।
मुकेश अग्रवाल
जशपुर जिले में गौ तस्करी की रोकथाम के लिए जशपुर पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में थाना नारायणपुर क्षेत्र के संभावित गौ तस्करी मार्गों पर सघन सर्च अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं लगभग 50 से अधिक पुलिस बल के साथ थाना नारायणपुर क्षेत्र के ग्राम किनकेल, खरवाटोली एवं पाकरकुंदर के जंगलों में पैदल पहुंचे और गौ तस्करी के संभावित रास्तों का निरीक्षण किया। पुलिस द्वारा इन मार्गों को चिन्हित कर ब्लॉक कर दिया गया है तथा इन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौ तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किनकेल, चट्टान पारा और पाकरकुंदर में “पुलिस मितान टीम” का गठन भी किया। यह टीम क्षेत्र में होने वाली गौ तस्करी सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस को उपलब्ध कराएगी, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अभियान के तहत कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए ग्रामीणों के साथ बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों को गौ तस्करी, नशे के दुष्प्रभाव तथा बच्चों की शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधों की रोकथाम में पुलिस को सहयोग मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान गांव के बेरोजगार युवाओं से रोजगार के विभिन्न अवसरों और रोजगार मॉडल पर चर्चा की गई तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही बढ़ती वाहन संख्या को देखते हुए यातायात नियमों का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा ओवरस्पीड से बचने की समझाइश भी दी गई।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए जशपुर पुलिस हरसंभव प्रयास करेगी।
उल्लेखनीय है कि डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिला कबीरधाम (कवर्धा) में एसपी रहते हुए कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत “पुलिस एकेडमी” कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके तहत पुलिस परिवार और ग्रामीण क्षेत्रों से आए पुलिस, आर्मी, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसआई भर्ती की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई थी। इस पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया और करीब 1200 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में सफलता मिली। इसी तर्ज पर जशपुर जिले के सुदूर अंचलों के युवाओं के लिए भी पुलिस एकेडमी कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे उन्हें शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
अचानक पहाड़ियों से डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पुलिस बल के साथ पैदल गांवों में पहुंचते देख ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए। पुलिस अधिकारियों को अपने बीच इस तरह सक्रिय देखकर ग्रामीणों का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ तथा उन्होंने पुलिस को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी विनोद कुमार मंडावी, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, थाना प्रभारी नारायणपुर सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर, थाना प्रभारी सन्ना उप निरीक्षक संतोष सिंह, चौकी मनोरा प्रभारी उप निरीक्षक दिनेश पुरैना, साइबर सेल से निरीक्षक आशीष तिवारी सहित उनकी टीम, रक्षित केंद्र जशपुर के जवान एवं नवआरक्षक शामिल रहे।




