मनरेगा कानून व धान खरीदी तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर पाकरगांव में कांग्रेस का चार घंटे का धरना, सांकेतिक चक्का जाम

मुकेश अग्रवाल

पत्थलगांव।

मनरेगा कानून को रद्द करने तथा धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस की अगुवाई में पाकरगांव में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगभग चार घंटे तक धरना दिया और सड़क पर उतरकर बिना यातायात प्रभावित किए कुछ समय के लिए सांकेतिक चक्का जाम भी किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।

धरना स्थल पर पूर्व विधायक रामपुकार सिंह ने कहा कि कांग्रेस किसानों और श्रमिकों के अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलने की कोशिश एक सोची-समझी साजिश है, जिससे गरीबों और मजदूरों के हक कमजोर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान लगातार प्रताड़ना झेल रहे हैं और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्रीमती आरती सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों के एक-एक दाने की खरीदी करना सरकार की जिम्मेदारी है और यह जिम्मेदारी निभानी ही होगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनरेगा का नाम परिवर्तन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस इसके खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

कार्यक्रम को पवन अग्रवाल, कुलविंदर सिंह भाटिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, हंसराज अग्रवाल तथा नंदलाल यादव ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की।धरना-प्रदर्शन में राजेंद्र अग्रवाल, माधव शर्मा, यदु बेहरा, मोहनीश साहू, शैलेश शर्मा, रोहित यादव, रमेश यादव, रमेश तिवारी, पार्षद संजय तिवारी, अशोक गुप्ता, जनार्दन पंकज, रोसू फोटवानी, धनमति प्रधान, अंकित शर्मा, निशामुद्दीन खान, किशोर यादव, मीना यादव, अनिता खाखा, अजिताभ कुजूर, अरविंद तिग्गा, तिरपन एक्का, लीलाधर यादव, सोन साय, सुरेंद्र तिर्की, आनंद नाग, ध्रुप गुप्ता, मनोज अग्रवाल, रविशंकर खूंटियां, छत्रोमोहन यादव, पूनम अंबष्ट, परमेंद्र चौहान, खीरों यादव, धनेश्वर यादव, दीवान साय, टिकेश्वर यादव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने भी मंच संचालन के दौरान नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया । वहां उपस्थित कार्यकर्ता किसानों ने भी अपना दुखड़ा बताते हुवे धान खरीदी में टोकन,रकबा समर्पण संबंधी समस्या की बात बताई और चेतावनी दी गई कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो किसानों द्वारा भी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं में सरकार के प्रति नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली।

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